ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे सैन्य संघर्ष के 9वें दिन कच्चे तेल के दामों में भारी उछाल देखा गया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इसे ‘ऑपरेशन एपिक मिस्टेक’ का नाम दिया है और कहा है कि अमेरिका उनके तेल और परमाणु ठिकानों पर हमले की साज़िश रच रहा है। इस युद्ध के कारण दुनिया भर में कमोडिटी और गैस के दाम तेज़ी से बढ़ रहे हैं। दूसरी ओर ईरान में अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन के बाद अयातुल्लाह मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना गया है।

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कच्चे तेल और गैस के दामों में भारी उछाल

28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से ब्रेंट और WTI क्रूड ऑयल के दाम लगभग दोगुने हो गए हैं। बाज़ार में क्रूड ऑयल 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गया था जो अब 102 से 112 डॉलर के बीच बना हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है, जहां से दुनिया का 20 प्रतिशत कच्चा तेल गुज़रता है।

  • यूरोप में गैस के दामों में 30 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई है।
  • फर्टिलाइजर की सप्लाई प्रभावित होने से दुनिया भर में खाने-पीने की चीज़ों पर असर पड़ने की आशंका है।
  • अमेरिका में पेट्रोल के दाम एक हफ़्ते में 50 सेंट बढ़कर 3.48 डॉलर प्रति गैलन हो गए हैं।
  • बहरीन की राष्ट्रीय तेल कंपनी ने रिफाइनरी पर हमले के बाद अपनी सप्लाई को लेकर फोर्स मेज्योर (force majeure) घोषित कर दिया है।

वैश्विक बाज़ार और आम लोगों पर इसका असर

इस संघर्ष का सीधा असर ग्लोबल शेयर बाज़ार पर पड़ा है। युद्ध लंबा खिंचने के डर से निक्केई 225 और FTSE 100 जैसे बड़े शेयर बाज़ार 5 से 8 प्रतिशत तक गिर चुके हैं। G7 देश महँगाई को कंट्रोल करने के लिए अपने रणनीतिक तेल भंडार से कच्चे तेल की इमरजेंसी सप्लाई पर चर्चा कर रहे हैं। गल्फ देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों के लिए यह बड़ी चिंता की बात है, क्योंकि तेल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की चीज़ें भी महंगी हो जाती हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ऊर्जा के दामों में यह बढ़ोतरी एक छोटी सी कीमत है और उन्होंने ईरान सरकार से बिना किसी शर्त के सरेंडर करने की मांग की है। वहीं ईरान का कहना है कि वे हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और उनके पास भी विरोधियों के लिए कई सरप्राइज मौजूद हैं। इसके साथ ही इज़राइल लगातार इस्फहान, तेहरान और अल्बोरज़ में सैन्य कमांड सेंटरों और फ्यूल डिपो पर हमले कर रहा है जिससे हालात और तनावपूर्ण बने हुए हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com