ईरान की सेना ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि वे अमेरिकी सैनिकों को उनकी कब्रों तक ले जा रहे हैं। IRGC एयरोस्पेस फोर्स के कमांडर सैयद माजिद मौसावी ने यह बयान अमेरिकी रक्षा सचिव की उस टिप्पणी के जवाब में दिया है, जिसमें ईरान को पत्थर युग में वापस भेजने की बात कही गई थी। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता यह तनाव खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के लिए चिंता की बात हो सकती है।

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ईरान के सैन्य कमांडर ने चेतावनी में क्या कहा है?

IRGC एयरोस्पेस फोर्स के कमांडर सैयद माजिद मौसावी ने साफ तौर पर कहा कि अमेरिका अपने सैनिकों को कब्रिस्तान भेज रहा है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी रक्षा विभाग की तरफ से जो धमकियां दी गई थीं, उनका जवाब देना जरूरी था। ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनकी सैन्य ताकत और हथियारों के ठिकाने अभी भी दुनिया की नजरों से दूर और सुरक्षित हैं। सैन्य अधिकारियों का कहना है कि दुश्मन को उनकी असली ताकत का अंदाजा नहीं है।

हालिया सैन्य घटनाक्रम और ईरान की अगली योजना

ईरान ने हाल के दिनों में अपनी सैन्य गतिविधियों को तेज कर दिया है और कई बड़े एलान किए हैं। खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर ये बातें काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। हालिया घटनाक्रम की मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:

  • ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4: ईरान ने ‘वेव 90’ के दूसरे चरण की शुरुआत की है, जिसके तहत इजरायली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
  • मिसाइल हमले: ईरान की तरफ से तेल अवीव पर मिसाइलें दागी गई हैं, जिसे अमेरिका की धमकियों का जवाब माना जा रहा है।
  • सैन्य ठिकाने: ईरान के खातम अल-अंबिया मुख्यालय ने बताया कि उनके रणनीतिक उत्पादन स्थल अभी भी पहुंच से बाहर हैं।
  • युद्ध की चेतावनी: कमांडर मौसावी ने कहा कि ईरान के खिलाफ किसी भी तरह का अल्टीमेटम युद्ध की घोषणा माना जाएगा।

ईरान के प्रवक्ताओं ने कहा है कि अमेरिका की तरफ से मिल रहे अलग-अलग संकेतों के बीच वे किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। हाल ही में दिमोना और हाइफ़ा पर हुए हमलों को भी इसी कड़ी का हिस्सा बताया गया है।