अमेरिका और ईरान के बीच सालों से चली आ रही तनातनी अब खत्म हो सकती है. दोनों देश एक बड़े समझौते की ओर बढ़ रहे हैं जिसे लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने खुद बड़ा दावा किया है. इस डील से न केवल युद्ध रुक सकता है बल्कि दुनिया की राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी बड़ा असर पड़ेगा. इस समझौते को लेकर अब कई अहम जानकारियां सामने आई हैं.

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डोनाल्ड ट्रंप का दावा और अहम फैसले

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 11 और 12 जून 2026 को ऐलान किया कि एक बड़ा समझौता होने वाला है. उन्होंने कहा कि इस डील पर हस्ताक्षर जल्द ही यूरोप में हो सकते हैं, जिसमें उपराष्ट्रपति JD Vance भी शामिल रहेंगे. इस खबर के साथ ही ट्रंप ने ईरान पर होने वाले उन सभी हमलों और बमबारी के प्लान को रद्द कर दिया है जो पहले तय किए गए थे. Axios की रिपोर्ट के मुताबिक इस समझौते में फिलहाल 60 दिनों के लिए युद्धविराम को आगे बढ़ाने की बात कही गई है.

ईरान के 14 सूत्रीय मसौदे की मुख्य बातें

ईरान की तरफ से एक 14 पॉइंट का मसौदा तैयार किया गया है, जिसकी जानकारी वहां की समाचार एजेंसियों ने दी है. इस ड्राफ्ट में कुछ प्रमुख मांगें और शर्तें शामिल हैं:

  • लेबनान समेत सभी जगहों पर तुरंत और हमेशा के लिए युद्धविराम करना.
  • अमेरिका ईरान के आंतरिक मामलों में दखल देना बंद करे.
  • 30 दिनों के भीतर ईरान की समुद्री नाकाबंदी को खत्म करना.
  • ईरान के आसपास के इलाकों से अमेरिकी सेना की वापसी.
  • होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलना.
  • ईरानी तेल पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाना.
  • ईरान के पुनर्निर्माण के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर का फंड देना.
  • परमाणु समझौते और प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाने के लिए 60 दिनों की बातचीत का समय.

ईरान सरकार का आधिकारिक बयान

जहां एक तरफ ट्रंप इस डील को करीब बता रहे हैं, वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Ismail Baghaei ने थोड़ा अलग रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि अभी तक कोई अंतिम नतीजा नहीं निकला है. प्रवक्ता के मुताबिक टेक्स्ट के मुख्य हिस्सों पर काम पूरा हो गया है, लेकिन अमेरिका के विरोधाभासी रवैये की वजह से प्रक्रिया अभी स्थिर नहीं है. उन्होंने साफ किया कि ईरान अपनी ‘लाल रेखाओं’ यानी अपनी बुनियादी शर्तों से समझौता नहीं करेगा.

इजरायल की शर्तें और अन्य अपडेट

इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu को भी इस बातचीत के बारे में जानकारी दी गई है. इजरायल की मांग है कि अंतिम समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े समृद्ध पदार्थों को हटाना, बुनियादी ढांचे को खत्म करना और मिसाइल उत्पादन पर रोक लगाना शामिल हो. साथ ही इजरायल चाहता है कि ईरान अन्य समूहों को समर्थन देना बंद करे. सऊदी अरब के अल अरबिया चैनल ने बताया कि यह पूरा मसौदा कतर के मध्यस्थों के जरिए आगे बढ़ाया गया है.

वित्तीय और आर्थिक विवरण

विवरण रकम/समय सीमा
ईरान के लिए पुनर्निर्माण फंड 300 अरब डॉलर (न्यूनतम)
जमी हुई संपत्ति की रिहाई 24 अरब डॉलर
समुद्री नाकाबंदी हटाने की समय सीमा 30 दिन
परमाणु वार्ता के लिए समय 60 दिन