Oman तट पर अमेरिकी हमला: 3 भारतीय नाविकों की मौत, भारत ने दोबारा बुलाया US अधिकारी, 18 हजार भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर सवाल

Praggya Singh sabal12 June 20262 min read9 viewsIndia

Oman के पास अमेरिकी सेना द्वारा जहाजों पर किए गए हमलों में 3 भारतीय नाविकों की जान चली गई है। भारत सरकार ने इस घटना पर कड़ा विरोध जताया है और अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स जेसन मीक्स को दूसरी बार तलब किया है। इस हमले से खाड़ी देशों में काम कर रहे 18,000 से ज्यादा भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

जहाजों पर हमला और नाविकों की मौत

अमेरिकी सेना ने चार दिनों के भीतर तीन अलग-अलग व्यापारी जहाजों को निशाना बनाया। 8 जून 2026 को MT Marivex जहाज को बेकार कर दिया गया, जबकि 10 जून को MT Settebello पर हमला हुआ। इस हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जिनकी पहचान डेक कैडेट आदित्य शर्मा, इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया और चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश के रूप में हुई है। इसके बाद 11 जून को MT Jalveer नामक जहाज पर भी हमला किया गया। केंद्रीय शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इन मौतों की पुष्टि की और इसे बहुत दुखद बताया।

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अमेरिका ने क्यों किया हमला?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि ये जहाज ईरान के खिलाफ चल रही नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहे थे। अमेरिका का दावा है कि ये जहाज ईरानी तेल ले जाने की कोशिश कर रहे थे। CENTCOM के मुताबिक, जब जहाजों के चालक दल ने अमेरिकी सेना के निर्देशों को बार-बार मानने से इनकार किया, तब जहाजों के इंजन रूम में सटीक मिसाइलें दागी गईं। गौरतलब है कि ईरान से जुड़े जहाजों की यह नाकेबंदी 13 अप्रैल 2026 से लागू है।

भारत सरकार की कड़ी कार्रवाई

भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस मुद्दे पर अमेरिका के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। भारत ने 10 जून और फिर 12 जून को अमेरिकी अधिकारी जेसन मीक्स को तलब किया और कड़ा विरोध दर्ज कराया। MEA प्रवक्ता रणधीर जासवाल ने कहा कि भारत इन घटनाओं से बहुत चिंतित है और ऐसे हमले तुरंत रुकने चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत अपने नाविकों की सुरक्षा और कल्याण को सबसे ऊपर रखता है। भारत ने मांग की है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के हिसाब से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों का रास्ता बिना किसी रुकावट के खुला रहे।

अंतरराष्ट्रीय संगठनों की प्रतिक्रिया

इस बढ़ते तनाव पर दुनिया भर की संस्थाओं ने अपनी राय दी है। संयुक्त राष्ट्र (UN) के प्रवक्ता ने स्थिति पर चिंता जताते हुए सभी पक्षों से युद्धविराम को पूरी तरह लागू करने की अपील की। वहीं, अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज़ ने इन हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि नाविकों की जान खतरे में डालना और शिपिंग सुरक्षा से खिलवाड़ करना पूरी तरह अस्वीकार्य है।

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