Iran-USA Negotiations: ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी, कूटनीति से सुरक्षित करेंगे अपने हित, पाकिस्तान में चल रही है बातचीत
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच अब बातचीत का रास्ता खुला है। पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच गहन चर्चा चल रही है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए कूटनीति समेत सभी तरीकों का इस्तेमाल करेगा।
ईरान की मुख्य शर्तें और रुख क्या है?
ईरान ने साफ कहा है कि उसकी बातचीत केवल परमाणु समझौते और प्रतिबंधों को हटाने पर केंद्रित होगी। प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने 12 अप्रैल 2026 को बताया कि भारी नुकसान के बाद ईरान का संकल्प अब और मजबूत हो गया है। ईरान किसी भी ऐसी बातचीत को स्वीकार नहीं करेगा जो परमाणु मुद्दे से हटकर हो।
अमेरिका और इसराइल के साथ रिश्तों की क्या स्थिति है?
ईरान ने अमेरिका पर वादे तोड़ने और गलत काम करने का आरोप लगाया है। विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi ने कहा कि वह अमेरिका पर बिल्कुल भरोसा नहीं करते हैं। ईरान ने इसराइल द्वारा किए गए अपराधों को कभी माफ नहीं करने की बात कही है और अमेरिका पर कूटनीति का रास्ता बर्बाद करने का आरोप लगाया है।
बातचीत की समयरेखा और मुख्य बिंदु
| तारीख | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| 7 अप्रैल 2026 | ईरान ने कूटनीति पर बुरा असर पड़ने की चेतावनी दी |
| 11 अप्रैल 2026 | इस्लामाबाद में बातचीत शुरू, राष्ट्रपति Pezeshkian ने प्रतिबद्धता जताई |
| 12 अप्रैल 2026 | प्रवक्ता Baqaei ने कूटनीति और राष्ट्रीय हितों पर बयान दिया |




