ईरान की अमेरिका और इजरायल को बड़ी चेतावनी, खाड़ी देशों में मौजूद यूनिवर्सिटीज को बताया निशाना
ईरान और इजरायल के बीच चल रहे तनाव के बीच अब शिक्षा संस्थानों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने अमेरिका और इजरायल को खुली चेतावनी दी है कि अगर ईरान के शैक्षणिक संस्थानों पर हुए हमलों की निंदा नहीं की गई, तो पश्चिम एशिया में स्थित अमेरिकी और इजरायली यूनिवर्सिटीज को वैध निशाना बनाया जाएगा। इस बयान के बाद खाड़ी देशों में रहने वाले छात्रों और वहां काम करने वाले लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता देखी जा रही है।
ईरान ने क्या दी है चेतावनी और क्या है डेडलाइन?
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इस जवाबी कार्रवाई के लिए एक समय सीमा भी तय कर दी है। ईरान की तरफ से कहा गया है कि अमेरिकी सरकार को सोमवार 30 मार्च 2026 की दोपहर 12 बजे तक तेहरान के समय के अनुसार इन हमलों की आधिकारिक तौर पर निंदा करनी होगी। अगर ऐसा नहीं होता है, तो वह कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा। ईरान के विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि हाल के दिनों में तेहरान की यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी और इस्फ़हान यूनिवर्सिटी पर जानबूझकर हमले किए गए हैं ताकि देश के वैज्ञानिक आधार को नुकसान पहुंचाया जा सके।
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और छात्रों के लिए सुरक्षा निर्देश
ईरान की इस चेतावनी का सीधा असर कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और छात्रों पर पड़ सकता है। ईरान ने एक सुरक्षा एडवाइजरी जारी करते हुए सलाह दी है कि सभी कर्मचारी, छात्र और वहां रहने वाले लोग अमेरिकी और इजरायली यूनिवर्सिटी कैंपस से कम से कम एक किलोमीटर की दूरी बनाकर रखें। इस चेतावनी में खाड़ी क्षेत्र की कुछ बड़ी यूनिवर्सिटीज का नाम भी शामिल किया गया है।
- Texas A&M University: कतर में स्थित इस कैंपस के लिए सावधानी बरतने को कहा गया है।
- Northwestern University: कतर में स्थित इस संस्थान को भी संभावित दायरे में रखा गया है।
- New York University (NYU): संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में स्थित इस यूनिवर्सिटी कैंपस का भी जिक्र किया गया है।
युद्ध के दौरान हुए नुकसान का आधिकारिक डेटा
ईरान की रेड क्रीसेंट सोसाइटी (IRCS) ने इस युद्ध के दौरान हुए नुकसान के आंकड़े जारी किए हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार अब तक हजारों नागरिक ठिकानों को नुकसान पहुंचा है।
| संस्थान का प्रकार | कुल नुकसान (संख्या) |
|---|---|
| स्कूल और शिक्षा केंद्र | 600 |
| मेडिकल और हेल्थ सेंटर | 282 |
| कुल प्रभावित नागरिक स्थल | 85,000 से अधिक |
ईरान के अधिकारियों का कहना है कि ये हमले वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संस्थानों को खत्म करने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हैं। फिलहाल खाड़ी देशों में मौजूद इन यूनिवर्सिटीज की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रशासन सतर्क नजर आ रहा है।




