ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरगची ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर युद्ध दोबारा शुरू हुआ तो उन्हें कई बड़े सरप्राइज मिलेंगे. अरगची ने अमेरिकी कांग्रेस रिसर्च सर्विस (CRS) की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि अमेरिका ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के दौरान अपने 42 विमान खो दिए हैं.

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अमेरिका ने कितने विमान और कितना पैसा खोया?

रिपोर्ट के मुताबिक, 28 फरवरी 2026 को इजराइल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ चलाया गया था. इस सैन्य अभियान में अमेरिका को भारी नुकसान हुआ है. रक्षा विभाग के अनुसार, इन विमानों के नुकसान की कीमत लगभग 2.6 अरब डॉलर है, जबकि पूरे संघर्ष का कुल खर्च 29 अरब डॉलर तक पहुंच गया है.

विमान का प्रकार खोए या क्षतिग्रस्त विमानों की संख्या
MQ-9 Reaper ड्रोन 24
F-15E Strike Eagles 4
MC-130J Commando II 2
KC-135 Stratotanker 7

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की क्या स्थिति है?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरगची ने पाकिस्तानी आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी के साथ मुलाकात के दौरान अमेरिका के व्यवहार को विरोधाभासी और अत्यधिक बताया. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अतीत में अपने वादों को तोड़ा है, इसलिए ईरान को उन पर भरोसा नहीं है. अरगची ने यह भी साफ किया कि ईरान राजनयिक बातचीत तो कर रहा है, लेकिन यह एक जिम्मेदार नजरिए से है.

क्या फिर से युद्ध की संभावना है?

ईरान ने अपनी सैन्य तैयारी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. विदेश मंत्री ने 17 मई 2026 को बयान दिया था कि अगर डिप्लोमैटिक कोशिशों से कोई सही नतीजा नहीं निकला, तो ईरान अमेरिका के साथ फिर से सीधी सैन्य जंग के लिए तैयार है. हालांकि, इससे पहले 14 मई को उन्होंने यह भी कहा था कि ईरान की समस्याओं का कोई सैन्य समाधान नहीं है और देश दबाव में नहीं आएगा.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी क्या था?

यह 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ चलाया गया एक सैन्य अभियान था, जिसमें अमेरिका के करीब 42 विमान नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए थे.

ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिका के बारे में क्या कहा?

विदेश मंत्री अब्बास अरगची ने अमेरिका के व्यवहार को विरोधाभासी बताया और कहा कि वादे तोड़ने के कारण ईरान को अमेरिका की नीयत पर भरोसा नहीं है.