Iraq के Basra में Kuwait के दूतावास पर हमले की खबर, हकीकत में बसरा में नहीं है कुवैत का कोई मिशन
इराक के बसरा शहर में कुवैत के दूतावास को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ खबरें तेजी से वायरल हो रही हैं. बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने वहां हमला किया है और परिसर के अंदर घुस गए हैं. हालांकि आधिकारिक सूत्रों और जमीनी हकीकत के अनुसार बसरा में कुवैत का फिलहाल कोई सक्रिय वाणिज्य दूतावास मौजूद नहीं है. पिछले कुछ हफ्तों से इराक और कुवैत के बीच सीमा विवाद और जलमार्ग को लेकर तनाव काफी बढ़ा हुआ है जिसके कारण ऐसी खबरें सामने आ रही हैं.
बसरा में कुवैत के राजनयिक मिशन की क्या है सच्चाई?
कुवैत का मुख्य राजनयिक मिशन इराक की राजधानी Baghdad में स्थित है और Basra में वर्तमान में उनका कोई कार्यालय नहीं है. सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के बीच यह स्पष्ट करना जरूरी है कि बसरा में हाल के दिनों में कई प्रदर्शन हुए हैं लेकिन वे कुवैती मिशन पर हमले से संबंधित नहीं थे. फरवरी और अप्रैल की शुरुआत में भी खोर अब्दुल्ला जलमार्ग को लेकर स्थानीय लोगों ने नारेबाजी की थी और इराक के समुद्री अधिकारों की मांग उठाई थी. सद्र समर्थकों ने भी विदेशी हस्तक्षेप के खिलाफ बसरा में बड़ी रैलियां आयोजित की हैं.
कुवैत और इराक के बीच बढ़ते तनाव के मुख्य कारण
दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से सुरक्षा और सीमाओं को लेकर खींचतान जारी है. कुवैत ने इस मुद्दे पर कई बार अपनी चिंता जताई है और इराकी सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है. इन घटनाओं का असर खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और वहां की यात्रा करने वाले लोगों पर भी पड़ता है क्योंकि सुरक्षा कारणों से नियमों में बदलाव की संभावना रहती है.
- 5 अप्रैल 2026: इराक के एक गुट ने कुवैत में अमेरिकी हितों को निशाना बनाने का दावा किया था.
- 30 मार्च 2026: कुवैत ने इराक के राजनयिक को बुलाकर हमलों के खिलाफ औपचारिक विरोध दर्ज कराया था.
- खोर अब्दुल्ला विवाद: समुद्री नक्शों को लेकर दोनों देशों के बीच कानूनी और कूटनीतिक बहस चल रही है.
- सुरक्षा चिंताएं: कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा के अधिकार की बात कही है.
इस तरह के तनावपूर्ण माहौल में अफवाहें तेजी से फैलती हैं इसलिए प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें. इराक और कुवैत के बीच बढ़ते इस कूटनीतिक तनाव पर सुरक्षा एजेंसियां नजर बनाए हुए हैं.




