इराक़ के प्रधानमंत्री के सलाहकार हुसैन अल्लावी ने स्पष्ट किया है कि उनका देश अपनी ज़मीन का इस्तेमाल किसी भी पड़ोसी देश के खिलाफ नहीं होने देगा। उन्होंने बताया कि इराक़ के भीतर सक्रिय उन सशस्त्र समूहों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जा रहे हैं जो सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन जैसे देशों को निशाना बना रहे हैं। यह आधिकारिक बयान खाड़ी देशों की उस साझा मांग के बाद आया है जिसमें इराक़ से इन सीमा पार हमलों को तुरंत रोकने की अपील की गई थी।

इराक़ सरकार ने सुरक्षा को लेकर क्या कड़े निर्देश दिए हैं?

प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अधिकारियों को सख्त आदेश दिए हैं। अब अगर किसी भी सैन्य क्षेत्र से कोई ड्रोन या रॉकेट दागा जाता है, तो वहां के मिलिट्री कमांडर और इंटेलिजेंस अफसरों को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा। इराक़ी विदेश मंत्रालय ने भी कहा है कि अरब देशों की सुरक्षा इराक़ की अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी हुई है। सरकार अब उन गुटों पर लगाम कसने के लिए कानूनी और संवैधानिक रास्तों का इस्तेमाल कर रही है जो क्षेत्र में तनाव बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

इस फैसले का क्षेत्र और प्रवासियों पर क्या असर होगा?

सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, बहरीन और कतर ने मिलकर इराक़ से अपनी ज़मीन पर नियंत्रण करने को कहा था ताकि इन हमलों को रोका जा सके। इस तनाव के बीच अमेरिकी दूतावास ने भी अपने नागरिकों को सावधानी बरतने और इराक़ छोड़ने की सलाह दी है। खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए यह खबर राहत भरी है, क्योंकि सुरक्षा की स्थिति सुधरने से व्यापार और यात्रा पर बुरा असर नहीं पड़ेगा। नीचे दी गई टेबल से आप वर्तमान स्थिति को बेहतर समझ सकते हैं:

मुख्य पक्ष वर्तमान कार्रवाई और स्थिति
इराक़ी सरकार सशस्त्र समूहों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की और सुरक्षा बढ़ाई
खाड़ी देश (सऊदी, यूएई, कुवैत) हमलों की कड़ी निंदा की और सुरक्षा गारंटी मांगी
अमेरिकी दूतावास नागरिकों को तुरंत इराक़ छोड़ने की चेतावनी जारी की
सशस्त्र समूह कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया

इराक़ी सुरक्षा एजेंसियां अब उन सभी सूचनाओं और सबूतों पर गौर कर रही हैं जो इन हमलों से जुड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी संकेत दिए हैं कि वे अंतरराष्ट्रीय गठबंधन सेना की इराक़ से वापसी की प्रक्रिया को तेज़ करेंगे ताकि ईरान समर्थित गुटों के साथ तनाव कम किया जा सके। सरकार का मुख्य लक्ष्य क्षेत्र में शांति बहाल करना और कूटनीतिक समाधान ढूंढना है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.