इराक के मोसुल में पैरा मिलिट्री बेस पर हवाई हमला, लगातार हमलों से क्षेत्र में बढ़ा तनाव
इराक के मोसुल शहर में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है क्योंकि वहां एक पैरा मिलिट्री बेस पर हवाई हमला हुआ है. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक यह हमला 4 अप्रैल 2026 को हुआ जिसे वहां के स्थानीय बेस को निशाना बनाकर अंजाम दिया गया. पिछले कुछ हफ्तों से उत्तरी इराक के अलग-अलग हिस्सों में इसी तरह के कई हमले देखे जा रहे हैं जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है.
ℹ: ईरान के Karaj में अमेरिकी-इसराइल हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 13, B1 ब्रिज हुआ था तबाह.।
मोसुल हमले और हालिया घटनाओं का विवरण
अल जजीरा ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार यह हमला इराकी अर्धसैनिक बल के बेस पर हुआ जो मोसुल में स्थित है. अभी इस हमले में हुए जान-माल के नुकसान की सटीक जानकारी जुटाई जा रही है. इससे पहले 2 अप्रैल को भी कय्याराह के पास पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) की 58वीं ब्रिगेड के बेस पर एक हवाई हमला हुआ था. उत्तरी इराक में लगातार हो रहे इन हमलों ने सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं.
मार्च और अप्रैल में हुए प्रमुख हमले
| तारीख | स्थान | घटना का विवरण |
|---|---|---|
| 4 अप्रैल 2026 | मोसुल | अर्धसैनिक बल के बेस पर हवाई हमला हुआ. |
| 2 अप्रैल 2026 | कय्याराह | PMF की 58वीं ब्रिगेड के बेस को निशाना बनाया गया. |
| 29 मार्च 2026 | मोसुल और किरकुक | पुलिस चेकपॉइंट और PMF फाइटर्स पर हमले में कई पुलिसकर्मी मारे गए. |
| 9 मार्च 2026 | बरतेला | हाशद अल-शाबी गठबंधन के बेस पर हमला हुआ, कोई हताहत नहीं हुआ. |
इराक सरकार और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इराकी गृह मंत्रालय ने 29 मार्च को हुए हमलों के लिए अमेरिका और इसराइल को जिम्मेदार ठहराया है और इसे इराक की संप्रभुता पर हमला बताया है. हालांकि अमेरिका ने इराकी सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार किया है. इराकी प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने साफ तौर पर कहा है कि अर्धसैनिक बल उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा का एक जरूरी हिस्सा हैं. इराकी सुरक्षा परिषद ने अब इन सैन्य गुटों को खुद की सुरक्षा में जवाबी कार्रवाई करने की आधिकारिक अनुमति दे दी है ताकि वे भविष्य में होने वाले ऐसे हमलों का सामना कर सकें.




