इराक में अमेरिकी ठिकानों पर बड़े हमले का दावा, एक दिन में 19 ऑपरेशंस को दिया गया अंजाम
इराक में इस्लामिक रेजिस्टेंस नामक संगठन ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने पिछले एक दिन के भीतर इराक और आसपास के इलाकों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर 19 अलग-अलग हमले किए हैं। यह जानकारी 31 मार्च 2026 को सामने आई है। इन हमलों की खबर के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलर्ट जारी किया गया है और तनाव की स्थिति बनी हुई है।
इन हमलों के पीछे क्या मुख्य कारण बताए गए हैं?
इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक ने इन ऑपरेशंस को अमेरिका की कथित आक्रामकता का जवाब और बदले की कार्रवाई बताया है। संगठन का कहना है कि वे इराक और मध्य पूर्व के अन्य हिस्सों से अमेरिकी सेना को बाहर निकालने के लिए यह कदम उठा रहे हैं। मार्च के महीने में इन हमलों की संख्या में भारी बढ़ोतरी देखी गई है।
- 31 मार्च को एक ही दिन में 19 हमले करने का दावा किया गया।
- इससे पहले 28 मार्च को 41 और 25 मार्च को 23 ऑपरेशंस की जानकारी दी गई थी।
- 17 मार्च को 21 और 11 मार्च को 31 सैन्य ऑपरेशन चलाए गए थे।
- इन घटनाओं को गाजा में चल रहे संघर्ष और क्षेत्र में इजरायल-अमेरिका की भूमिका से जोड़कर देखा जा रहा है।
मौजूदा हालात और सरकारों का क्या रुख है?
इराक में बढ़ती इन घटनाओं के बीच राजनयिक स्तर पर भी तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने इराकी प्रधानमंत्री Mohammed Shia al-Sudani से फोन पर बात कर इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। दूसरी तरफ, इराक सरकार ने भी हबानिया में हुई एक सैन्य कार्रवाई के बाद अमेरिकी अधिकारियों को तलब कर अपना विरोध दर्ज कराया है।
इराक सरकार का कहना है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए सभी उपलब्ध रास्तों का इस्तेमाल करने का अधिकार रखती है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासी भारतीयों और अन्य विदेशी नागरिकों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी रहती है, क्योंकि सैन्य तनाव का असर अक्सर उड़ानों और सुरक्षा नियमों पर पड़ता है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पर बारीक नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह के बड़े खतरे से बचा जा सके।




