Iraq News: इराक ने अमेरिका और ईरान के राजदूतों को किया तलब, हवाई हमलों में कई लोगों की मौत के बाद लिया कड़ा फैसला
इराक के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार, 24 मार्च 2026 को एक बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया है। मंत्रालय ने बगदाद में मौजूद अमेरिकी प्रभारी और ईरानी राजदूत को तलब करने का फैसला किया है। यह कार्रवाई उन दो घातक हमलों के बाद की गई है जिनमें इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्द क्षेत्र के लड़ाकों और पूर्व-अर्धसैनिक बलों को निशाना बनाया गया था। प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया है।
इराक में किन जगहों पर हुए हमले और कितना हुआ नुकसान?
मंगलवार को हुए इन हमलों में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। ईरान ने इरबिल प्रांत के सोरान प्रशासन में पेशमर्गा ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया, जिसमें 6 लड़ाकों की मौत हो गई और 30 अन्य लोग घायल हो गए। इसके कुछ ही देर बाद अनबर प्रांत में पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस (PMF) के मुख्यालय पर हवाई हमला हुआ। इस हमले में PMF के अनबर ऑपरेशंस कमांडर सहित 15 सदस्यों की जान चली गई। PMF ने इस हमले के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे विश्वासघाती हमला बताया है।
इराक सरकार की अब आगे क्या है तैयारी?
इराकी सरकार ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता का खुला उल्लंघन माना है और कई कड़े कदम उठाने का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री के प्रवक्ता सबा अल-नुमान ने पुष्टि की है कि सरकार इन हमलों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाएगी। सरकार की मुख्य योजनाएं नीचे दी गई हैं:
- अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों को औपचारिक विरोध पत्र सौंपे जाएंगे।
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इन हमलों के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई जाएगी।
- हमलों को रोकने और इराक की सीमाओं की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग होगी।
- पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस (PMF) पर हमलों का मुकाबला करने के लिए सभी संसाधनों का इस्तेमाल किया जाएगा।
- आत्मरक्षा के सिद्धांत के तहत जवाबी कार्रवाई करने के अधिकार का प्रयोग किया जाएगा।
हमलों से जुड़ी मुख्य जानकारी एक नज़र में
इराक में हुए इन हमलों और सरकारी कार्रवाई का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| घटना की तारीख | 24 मार्च 2026 |
| ईरानी हमले का स्थान | पेशमर्गा बेस, इरबिल |
| अमेरिकी हमले का स्थान | PMF मुख्यालय, अनबर |
| कुल मौतों की संख्या | 21 (6 पेशमर्गा और 15 PMF सदस्य) |
| इराकी सरकार का एक्शन | राजदूतों को तलब करना और UN में शिकायत |




