खाड़ी देशों में युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं। एक इराकी सशस्त्र गुट ने अमेरिकी सेना को चेतावनी दी है कि वे ईरान पर हमले के लिए कुवैत की जमीन का इस्तेमाल न करें। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट और समुद्री इलाकों में लगातार हमले हो रहे हैं। इन घटनाओं ने वहां रह रहे लोगों और प्रवासियों के बीच काफी चिंता पैदा कर दी है।

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कुवैत और आसपास के इलाकों में हुए हालिया हमले

पिछले 24 से 48 घंटों के भीतर क्षेत्र में कई बड़ी घटनाएं हुई हैं। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 1 अप्रैल 2026 को ड्रोन से हमला किया गया, जिससे वहां ईंधन भंडारण टैंकों में भीषण आग लग गई। हालांकि, इस घटना में किसी की जान जाने की खबर नहीं है। इससे पहले 31 मार्च को एक बिजली और पानी साफ करने वाले प्लांट पर हुए हमले में एक कर्मचारी की मौत हो गई थी।

  • कुवैत एयरपोर्ट: ईरान समर्थित गुटों द्वारा ड्रोन हमला किया गया।
  • तेल टैंकर: दुबई पोर्ट पर एक कुवैती तेल टैंकर में आग लग गई।
  • पावर प्लांट: कुवैत के एक मुख्य पावर प्लांट को भारी नुकसान पहुंचा है।
  • सऊदी अरब की मदद: सऊदी ने कुवैत से निकलने वाले लोगों के लिए बस सेवा शुरू की है।

प्रमुख नेताओं और देशों के आधिकारिक बयान

इस पूरे मामले पर विभिन्न देशों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। छह अरब देशों (सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन) ने मिलकर इन हमलों की निंदा की है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के नियमों का हवाला देते हुए आत्मरक्षा के अपने अधिकार की बात कही है। दूसरी ओर, इराकी सरकार ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी हमले के लिए नहीं होने देंगे।

नाम/संस्था प्रमुख बयान
डोनाल्ड ट्रंप कहा कि युद्ध 2-3 हफ्तों में खत्म हो सकता है, लेकिन ईरान को बड़ी चेतावनी दी।
ईरानी विदेश मंत्री दावा किया कि उनके हमले केवल अमेरिकी सेना को निशाना बना रहे हैं।
इराकी गुट (Saraya Awliya al-Dam) अमेरिकी बेस पर हमलों की जिम्मेदारी ली और कुवैत को लेकर चेतावनी दी।
इराकी विदेश मंत्रालय कहा कि पड़ोसी देशों की सुरक्षा इराक के लिए महत्वपूर्ण है।

क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच बहरीन में भी खतरे के सायरन सुनाई दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो वे ईरान के ऊर्जा और जल संसाधनों को पूरी तरह तबाह कर सकते हैं। प्रवासियों के लिए यह स्थिति संवेदनशील है क्योंकि सऊदी अरब जैसे देश अब कुवैत छोड़ने वालों के लिए विशेष बसें चला रहे हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.