Strait of Hormuz पर ईरान का कड़ा पहरा, 10 जहाज़ों पर हुआ हमला, तेल की क़ीमतों में लगी आग
खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने Strait of Hormuz पर पूरी तरह से अपना कंट्रोल होने का दावा किया है। इसके चलते वहां से गुजरने वाले तेल के जहाजों का रास्ता लगभग बंद हो गया है। अमेरिका ने अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए नेवी को अलर्ट कर दिया है। 4 मार्च, 2026 तक मिली जानकारी के मुताबिक, इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही 94% तक गिर गई है।
समुद्र में जहाजों को रोकने की चेतावनी
IRGC नेवी के अधिकारी मोहम्मद अकबरज़ादेह ने साफ़ किया है कि अब इस रास्ते पर उनका पूरा अधिकार है और यह ट्रैफिक के लिए बंद है। वहीं, कमांडर इब्राहिम जबाबरी ने चेतावनी दी है कि जो भी जहाज यहां से गुजरने की कोशिश करेगा, उसे आग के हवाले कर दिया जाएगा। उनका कहना है कि क्षेत्र से “तेल की एक बूंद” भी बाहर नहीं जाने दी जाएगी। इसके जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कमर्शियल टैंकरों की सुरक्षा के लिए US Navy को एस्कॉर्ट करने का आदेश दिया है।
किन-किन जहाजों पर हुआ हमला?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 28 फरवरी से अब तक कम से कम 10 तेल टैंकरों और जहाजों को निशाना बनाया गया है। इसमें पलाऊ का जहाज ‘Skylight’ शामिल है जिस पर ड्रोन और मिसाइल से हमला हुआ और 4 क्रू मेंबर घायल हो गए। इसके अलावा ‘Athe Nova’ जहाज में आग लगा दी गई। बहरीन में खड़े ‘Stena Imperative’ और मस्कट के पास ‘MKD Vyom’ पर भी हमले की खबर है। सुरक्षा को देखते हुए Maersk और Hapag-Lloyd जैसी बड़ी कंपनियों ने इस रास्ते से अपने जहाज भेजना बंद कर दिया है।
तेल की कीमतों और आम लोगों पर असर
इस तनाव का सीधा असर पेट्रोल-डीजल के दाम पर पड़ सकता है। 4 मार्च को कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमत 10% बढ़कर करीब 80 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। जानकारों का मानना है कि अगर यह रास्ता लंबा बंद रहा तो कीमतें 100 से 150 डॉलर तक जा सकती हैं। भारत और एशिया में आने वाला काफी तेल और गैस इसी रास्ते से आता है, इसलिए खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और भारत में आम जनता के लिए महंगाई की चिंता बढ़ सकती है।




