ईरान की राजधानी तेहरान के पूर्वी हिस्से में इस्राइल ने एक बड़ा एयर स्ट्राइक किया है. अल जज़ीरा और फार्स न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में बिजली विभाग की एक इमारत को निशाना बनाया गया. इस स्ट्राइक के कारण कई आम नागरिकों की मौत हुई है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं. इस्राइली सेना (IDF) का कहना है कि वे लगातार ईरान के बुनियादी ढांचों को अपना लक्ष्य बना रहे हैं.

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तेहरान और अन्य शहरों में हालात

इस्राइली सेना ने तेहरान के साथ-साथ शिराज और तबरेज में भी बुनियादी ढांचों पर हमले तेज कर दिए हैं. पिछले 48 घंटों में रिहायशी इमारतों और पुलिस स्टेशनों के पास कई धमाके सुने गए हैं. इसके जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत अपनी 55वीं लहर शुरू कर दी है. ईरान ने इस्राइली ठिकानों और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों, जैसे अल धफरा एयर बेस पर मिसाइल और ड्रोन से पलटवार किया है. राहत और बचाव कार्य के लिए ईरानी रेड क्रिसेंट की टीम तेहरान में लगातार काम कर रही है.

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और आम जीवन पर असर

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है. वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ड्रोन बनाने वाले ठिकानों को निशाना बना रहा है. भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर भी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और भारतीय टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही के लिए तेहरान के साथ कूटनीतिक बातचीत कर रहे हैं. इस पूरे तनाव का असर गल्फ देशों में रहने वाले प्रवासियों और अर्थव्यवस्था पर भी सीधा पड़ रहा है.

  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य: यहां से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर प्रतिबंध लागू है. ईरान ने साफ किया है कि यह रास्ता केवल उन देशों के लिए खुला रहेगा जो उस पर हमला नहीं कर रहे हैं.
  • दुबई एयरपोर्ट: एक ड्रोन हमले के कारण 16 मार्च को कुछ समय के लिए दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों को सस्पेंड करना पड़ा था.
  • कच्चा तेल: खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 से 104 डॉलर प्रति बैरल के बीच पहुंच गई है.