Strait of Hormuz Crisis: इटली का बड़ा फैसला, विवादित रास्ते पर नहीं भेजेगा युद्धपोत, ट्रंप की मांग ठुकराई
इटली के विदेश मंत्री Antonio Tajani ने Strait of Hormuz में चल रहे विवाद पर अपनी स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने कहा है कि इस संकट का हल युद्ध या बल से नहीं, बल्कि कूटनीति और बातचीत से ही निकल सकता है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने सहयोगी देशों से वहां सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेजने की मांग की थी। लेकिन इटली ने अपने नौसेना मिशन को इस इलाके में बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया है और कहा है कि वे किसी के साथ युद्ध में नहीं हैं।
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इटली ने सेना भेजने से क्यों किया इनकार?
इटली ने इस मामले में बहुत सोच-समझकर कदम उठाया है। इसके पीछे कई मुख्य कारण हैं:
- बचाव की नीति: विदेश मंत्री Antonio Tajani ने कहा कि Red Sea में उनका मौजूदा मिशन सिर्फ बचाव और समुद्री लुटेरों से निपटने के लिए है।
- संसद का नियम: इटली का कानून उन्हें बिना नई मंजूरी के किसी भी युद्ध क्षेत्र में आक्रामक मिशन चलाने की इजाजत नहीं देता है।
- सुरक्षा का खतरा: 12 मार्च को इराक के Erbil में इटली के बेस पर मिसाइल हमला हुआ था, इसलिए सरकार अब किसी भी नए सैन्य विवाद से बच रही है।
- यूरोपीय संघ का नियम: EU के मौजूदा मिशन में कोई भी बदलाव करने के लिए सभी 27 सदस्य देशों की सहमति जरूरी है।
Strait of Hormuz के ताजा हालात क्या हैं?
Strait of Hormuz को लेकर पूरी दुनिया में चिंता बनी हुई है क्योंकि यह व्यापार का बहुत महत्वपूर्ण रास्ता है। इस पूरे मामले में कुछ नई बातें सामने आई हैं:
- ईरान के विदेश मंत्रालय ने 16 मार्च को साफ किया कि यह रास्ता सिर्फ उनके दुश्मनों यानी अमेरिका और इजराइल के लिए बंद है।
- ईरान के अनुसार बाकी अन्य देशों के व्यापारिक जहाजों के लिए यह रास्ता खुला हुआ है।
- इस संकट के बीच इटली ने कहा है कि अब दुनिया को IMEC corridor जैसे नए व्यापारिक रास्तों पर तेजी से काम करना चाहिए।
- वहीं दूसरी तरफ, दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले के बाद आज से धीरे-धीरे फ्लाइट्स का संचालन फिर से शुरू हो गया है।




