Iran Tehran Explosion: तेहरान में इज़राइल के बड़े हवाई हमले, IRGC के ठिकानों पर बरसे गोले, खाड़ी देशों में अलर्ट
सोमवार 23 मार्च 2026 की सुबह ईरान की राजधानी तेहरान तेज़ धमाकों की आवाज़ से दहल गई। इज़राइली सेना ने आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि की है कि उन्होंने तेहरान में ईरानी शासन के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। इज़राइली अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई विशेष रूप से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के उस मुख्यालय को खत्म करने के लिए की गई है, जो रिहायशी इलाकों के बीच स्थित था।
इज़राइली सेना के हमले और ईरान की वर्तमान स्थिति
ईरान की मेहर और फ़ार्स न्यूज़ एजेंसियों ने बताया कि राजधानी के पांच अलग-अलग इलाकों में धमाके सुने गए हैं। इज़राइल का दावा है कि उन्होंने नागरिक नुकसान को रोकने के लिए ज़रूरी सावधानी बरती थी, लेकिन तेहरान के पूर्वी हिस्से से काला धुआं उठता देखा गया है। हमलों के बारे में मुख्य जानकारी इस प्रकार है:
- तेहरान के डिस्ट्रिक्ट 1, 4, 11, 13 और 21 में हवाई हमलों की खबर मिली है।
- इज़राइल ने इसे ईरानी शासन के आतंकी बुनियादी ढांचे के खिलाफ एक बड़ी लहर बताया है।
- ईरानी अधिकारियों ने अभी तक किसी की जान जाने या नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है।
- फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, ईरान अब अमेरिका और इज़राइल के सहयोगियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
खाड़ी देशों और प्रवासियों पर इस तनाव का क्या असर होगा?
इस ताज़ा हमले के बाद खाड़ी देशों (Gulf countries) में रहने वाले प्रवासियों, विशेषकर भारतीयों के बीच चिंता बढ़ गई है। IRGC ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर उन पर हमले हुए, तो वे खाड़ी में मौजूद अमेरिकी बेस और अन्य बिजली संयंत्रों को निशाना बनाएंगे। इससे इस क्षेत्र में काम करने वाले लाखों कामगारों और तेल बाज़ार पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है। रूस ने भी अमेरिका को चेतावनी दी है कि परमाणु संयंत्रों पर किसी भी हमले के परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं। इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने हितों की रक्षा के लिए ईरान और लेबनान में हमले जारी रखेंगे।




