Israel Missile Attack: इजरायली सेना का नया फरमान, मिसाइल गिरने वाली जगहों की फोटो शेयर करने पर लगी रोक
इजरायली सेना (IDF) ने 9 मार्च 2026 को एक सख्त निर्देश जारी किया है। इसके तहत अब किसी भी व्यक्ति या मीडिया को मिसाइल गिरने वाली जगहों की तस्वीरें, वीडियो या लोकेशन शेयर करने की इजाजत नहीं है। यह कदम ईरान की तरफ से लगातार हो रहे मिसाइल हमलों और युद्ध के दूसरे हफ्ते में प्रवेश करने के बाद उठाया गया है।
क्या है इजरायली सेना का नया आदेश
इजरायली सेना के सैन्य सेंसर और होम फ्रंट कमांड ने सोशल मीडिया, ब्लॉग और न्यूज़ वेबसाइट्स पर मिसाइल और ड्रोन गिरने के स्थानों की जानकारी देने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। विदेशी मीडिया को भी अब किसी भी क्रैश साइट की रिपोर्टिंग या लाइव ब्रॉडकास्ट करने से पहले सेना से लिखित मंजूरी लेनी होगी। सऊदी न्यूज़ 50 (SaudiNews50) की रिपोर्ट के अनुसार यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है। आम नागरिकों को भी हिदायत दी गई है कि वे मिसाइल के मलबे के पास न जाएं क्योंकि वहां बिना फटे बम हो सकते हैं।
नियम तोड़ने पर क्या होगी सजा
इजरायली सेना का कहना है कि दुश्मन इन तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल अपने हमलों की सटीकता जांचने के लिए करते हैं। लोकेशन की जानकारी मिलने से वे अपने अगले मिसाइल हमले को और बेहतर बना सकते हैं। इसलिए यह सुरक्षा का मामला है। नियम न मानने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है और इसे क्रिमिनल अपराध माना जाएगा। इजरायल पुलिस और शिन बेट (Shin Bet) उन पत्रकारों और लोगों के कैमरे और उपकरण जब्त कर रही है जो प्रभावित क्षेत्रों से लाइव रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
हमलों का ताज़ा अपडेट और गल्फ देशों पर असर
ईरान ने इजरायल पर कम से कम 7 बार मिसाइलों की बौछार की है। येहुद इलाके में क्लस्टर मिसाइल गिरने से एक व्यक्ति की मौत हुई है और अन्य दो लोग घायल हुए हैं। इसके जवाब में इजरायली एयरफोर्स ने तेहरान और ईरान के अन्य हिस्सों में हवाई हमले किए हैं। इस युद्ध का असर गल्फ क्षेत्र और वहां रहने वाले प्रवासियों पर भी पड़ रहा है।
- सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने रियाद के पास एक ड्रोन को मार गिराने की पुष्टि की है।
- सऊदी अरब ने अपने एयरस्पेस की सुरक्षा के लिए पूरी तैयारी होने की बात कही है।
- युद्ध के कारण कच्चे तेल (Brent crude) की कीमत 114 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है।
- कतर के गृह मंत्रालय ने भी भ्रामक जानकारी फैलाने वाले सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया है।





