इसराइल और लेबनान के बीच जंग अब और हिंसक हो गई है। 9 अप्रैल 2026 को इसराइल की सेना ने लेबनान में हिज़्बुल्लाह के रॉकेट लॉन्च साइट्स पर जोरदार हमले किए। इस हमले का मकसद हिज़्बुल्लाह को इसराइल पर रॉकेट दागने से रोकना था। इस पूरे विवाद में अब तक बड़ी संख्या में आम लोग मारे जा चुके हैं और हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।

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इसराइल के हमलों में क्या-क्या हुआ और कौन मारा गया

इसराइल की सेना ने लेबनान के बेरूत में एक सटीक हमले में हिज़्बुल्लाह नेता नईम कासिम के निजी सचिव अली यूसुफ हर्शी को मार गिराया। इसके अलावा सेना ने लिटानी नदी के दो मुख्य क्रॉसिंग को निशाना बनाया, जिनका इस्तेमाल हथियार ले जाने के लिए किया जाता था। इसराइल ने लेबनान के दक्षिणी हिस्से में करीब 10 हथियार डिपो और हिज़्बुल्लाह के मुख्यालयों पर भी हमले किए। 8 अप्रैल को हुए हमलों में 300 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई और 1,150 से ज़्यादा लोग घायल हुए, जिनमें कई आम नागरिक शामिल थे।

हिज़्बुल्लाह का पलटवार और दुनिया का क्या कहना है

इसराइल की कार्रवाई के जवाब में हिज़्बुल्लाह ने 9 अप्रैल को उत्तरी इसराइल की तरफ करीब 70 रॉकेट दागे। हिज़्बुल्लाह ने कहा कि यह हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक अमेरिका और इसराइल की आक्रामकता बंद नहीं होती। वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच एक युद्धविराम समझौता हुआ था, लेकिन इसराइल का कहना है कि लेबनान में उसके ऑपरेशन इस truce के दायरे में नहीं आते। चीन और यूरोपीय संघ ने आम लोगों की जान बचाने की अपील की है, जबकि स्पेन ने इस तबाही के लिए इसराइल के प्रधानमंत्री को ज़िम्मेदार ठहराया है।

लेबनान में युद्ध के नुकसान का ब्यौरा

विवरण आंकड़े (9 अप्रैल 2026 तक)
लेबनान में कुल मौतें 1,888
कुल घायल लोग 6,092
हिज़्बुल्लाह द्वारा दागे गए रॉकेट (9 अप्रैल) करीब 70
8 अप्रैल को मारे गए लोग 300 से ज़्यादा