Israel Attack Iran: इसराइल ने ईरान के पेट्रोकेमिकल हब पर किया बड़ा हमला, कई धमाकों से दहला प्लांट, रिफाइनरी का काम रुका.
ईरान के असलुयेह (Asaluyeh) में स्थित पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स और साउथ पार्स (South Pars) गैस फील्ड में सोमवार 6 अप्रैल 2026 को कई ज़ोरदार धमाके सुने गए हैं. यह इलाका ईरान का सबसे महत्वपूर्ण गैस प्रोसेसिंग हब माना जाता है. इसराइल के रक्षा मंत्री काट्ज़ (Katz) ने खुद इस हमले की पुष्टि की है और कहा है कि उनके देश ने ही असलुयेह में मौजूद इन सुविधाओं को निशाना बनाया है. इस घटना के बाद से पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी ज़्यादा बढ़ गया है.
इस हमले में कितना हुआ नुकसान और क्या है ताज़ा स्थिति?
धमाकों की वजह से गैस सप्लाई करने वाली पाइपलाइनों और स्टोरेज टैंकों को काफी नुकसान पहुँचा है. रिपोर्ट के अनुसार, दो प्रमुख रिफाइनरी का काम फिलहाल रोक दिया गया है जिससे रोज़ाना 10 करोड़ क्यूबिक मीटर गैस का उत्पादन प्रभावित हो रहा है. ईरान के पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि गैस फील्ड में लगी आग को बुझाने की कोशिश की जा रही है. हालांकि इस विशिष्ट हमले में किसी की जान जाने की खबर अब तक नहीं मिली है, लेकिन सरकारी सुविधाओं को बहुत बड़ा नुकसान पहुँचा है.
पिछले 24 घंटों में हुई बड़ी घटनाओं का विवरण
| स्थान/घटना | नुकसान का विवरण |
|---|---|
| यूएई (UAE) सीमा | 12 बैलिस्टिक मिसाइलें, 2 क्रूज मिसाइलें और 19 ड्रोन इंटरसेप्ट किए गए. |
| तेहरान (Tehran) | इसराइली हवाई हमलों में कम से कम 25 लोगों की मौत हुई. |
| ईरान की यूनिवर्सिटी | बमबारी में 34 लोगों की जान जाने की खबर मिली है. |
| बुशहर परमाणु प्लांट | पास में मिसाइल गिरने से एक सुरक्षाकर्मी की मौत और इमारत को नुकसान. |
| आईआईजीसी (IRGC) | खुफिया संगठन के प्रमुख माजिद खादेमी की हमले में मौत की सूचना है. |
क्षेत्रीय सुरक्षा और प्रवासियों पर क्या होगा असर?
इस टकराव की वजह से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की रक्षा मंत्रालय ने भी मिसाइलों और ड्रोनों को मार गिराने की जानकारी दी है जिससे पता चलता है कि खतरा बढ़ रहा है. खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस की कीमतों में उछाल आ सकता है. भारतीय रिफाइनरों ने भी अपनी मेंटेनेंस की योजनाओं को फिलहाल टाल दिया है ताकि देश में ईंधन की मांग को पूरा किया जा सके. ईरान ने धमकी दी है कि अगर नागरिकों को निशाना बनाया गया तो वह बहुत खतरनाक जवाबी कार्रवाई करेगा.




