Israel ने ईरान की मिलिट्री यूनिवर्सिटी पर किया हमला, IRGC ने अमेरिका को दी बड़ी चेतावनी
इजरायली सेना (IDF) ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि उसने तेहरान में स्थित Imam Hussein University पर हमला किया है। यह यूनिवर्सिटी ईरान के Revolutionary Guards (IRGC) का एक मुख्य सैन्य केंद्र माना जाता है। इस हमले के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और अमेरिका को एक तय समय सीमा के अंदर इस हमले की निंदा करने को कहा है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी और इजरायली यूनिवर्सिटी भी उसके निशाने पर हो सकती हैं।
इजरायली सेना ने हमले के पीछे क्या वजह बताई?
इजरायली सेना का दावा है कि इस यूनिवर्सिटी का इस्तेमाल उन्नत हथियारों के रिसर्च के लिए किया जा रहा था। उनके अनुसार, यह संस्थान केवल शिक्षा के लिए नहीं बल्कि सैन्य बुनियादी ढांचे और बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है। सेना ने बताया कि हमले में मिसाइल स्टोरेज और अंडरग्राउंड मिसाइल बनाने वाली जगहों को भी निशाना बनाया गया है। कुछ सूत्रों का कहना है कि ऐसे केंद्रों पर हमला करना किसी देश की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमता को कमजोर करने का एक बड़ा कदम है।
ईरान की IRGC ने क्या चेतावनी जारी की है?
ईरान के Revolutionary Guards (IRGC) ने इस हमले के जवाब में एक सख्त डेडलाइन जारी की है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका के पास 30 मार्च 2026 की दोपहर 12 बजे तक का समय है कि वह ईरानी यूनिवर्सिटी पर हुए हमलों की आधिकारिक निंदा करे। अगर अमेरिका ऐसा नहीं करता है, तो पश्चिम एशिया में स्थित अमेरिकी और इजरायली यूनिवर्सिटी को भी हमला करने के लिए जायज निशाना माना जाएगा। IRGC ने इन यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों, प्रोफेसरों और छात्रों को सलाह दी है कि वे इन इमारतों से कम से कम एक किलोमीटर दूर रहें।
इन संस्थानों और हमलों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी
ईरान ने दावा किया है कि इजरायल ने पिछले कुछ समय में उनके कई शैक्षणिक संस्थानों को निशाना बनाया है। इसकी जानकारी इस प्रकार है:
| संस्थान का नाम | विवरण |
|---|---|
| Imam Hussein University | IRGC से जुड़ी सैन्य अकादमी और हथियारों का रिसर्च सेंटर |
| Tehran University of Science and Technology | ईरान का दावा है कि इस पर भी बमबारी की गई है |
| Malek Ashtar University | ईरान की तकनीकी यूनिवर्सिटी जिस पर हमले की रिपोर्ट मिली है |
यह पूरा मामला 30 मार्च 2026 का है जब इजरायली सेना ने अपने हमलों की पुष्टि की। इससे पहले 29 मार्च को IRGC ने अपनी चेतावनी जारी की थी। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और आम लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।




