लेबनान के दक्षिणी इलाकों में इसराइल ने फिर से ड्रोन और मिसाइलों से हमले शुरू कर दिए हैं। अल-मजादेल और तेबनीन जैसे छोटे शहरों में बमबारी हुई है जिससे वहां दहशत फैल गई है। इस युद्ध की वजह से लेबनान में जान और माल का भारी नुकसान हो रहा है और आम लोग बुरी तरह प्रभावित हैं।

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लेबनान में हमले और नुकसान की क्या स्थिति है?

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 2 मार्च से अब तक इसराइल के हमलों में 1,953 लोग मारे गए हैं और 6,303 लोग घायल हुए हैं। सिर्फ 8 अप्रैल के दिन 357 लोगों की जान गई थी। हाल ही में अल-मजादेल में ड्रोन हमला हुआ और तेबनीन में एक कार को निशाना बनाया गया। माइफ़ादुन शहर में एक रिहायशी इमारत पर हमले में कम से कम तीन लोग मारे गए।

विवरण आंकड़े/जानकारी
2 मार्च से अब तक कुल मौतें 1,953
2 मार्च से अब तक कुल घायल 6,303
8 अप्रैल को हुई मौतें 357
8 अप्रैल को हुए घायल 1,223
नबातियेह हमला (सुरक्षा बल) 13 मौतें
हमले के मुख्य इलाके अल-मजादेल, तेबनीन, माइफ़ादुन

नेताओं और देशों ने इस लड़ाई पर क्या कहा?

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने कहा कि युद्धविराम की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद इसराइल ने अब तक का सबसे बड़ा हमला किया। वहीं प्रधान मंत्री नवाफ सलाम ने दुनिया से मदद मांगी है क्योंकि रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया। दूसरी तरफ इसराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि लेबनान के लिए युद्धविराम लागू नहीं है। वह लेबनान सरकार से बात करने को तैयार हैं लेकिन हिजबुल्लाह से नहीं।

क्या इस युद्ध से दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा?

वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा ने चेतावनी दी है कि मिडिल ईस्ट के इस युद्ध का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। इससे ग्लोबल ग्रोथ कम हो सकती है और महंगाई काफी बढ़ सकती है। इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में बातचीत हुई है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि लेबनान इस युद्धविराम का हिस्सा नहीं था।