इजरायल का ईरान में बड़ा दावा, कुद्स फोर्स के अहम अधिकारी मेहदी वफाई को मार गिराने की खबर
इजरायली सेना ने 1 अप्रैल 2026 को दावा किया है कि उन्होंने ईरान के अंदर एक बड़ा ऑपरेशन चलाकर कुद्स फोर्स के मुख्य अधिकारी Mahdi Vafa’i (मेहदी वफाई) को मार गिराया है। यह कार्रवाई ईरान के महल्लात (Mahallat) शहर में की गई है। इजरायल के अनुसार, वफाई पिछले दो दशकों से लेबनान और सीरिया में भूमिगत सुरंगों और हथियारों के नेटवर्क को तैयार करने का काम संभाल रहा था। इस घटना के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है और कई देशों से हमलों की खबरें आ रही हैं।
मेहदी वफाई कौन था और इजरायल ने उसे क्यों निशाना बनाया?
Mehdi Vafa’i कुद्स फोर्स के लेबनान कॉर्प्स में इंजीनियरिंग शाखा का प्रमुख था। वह ईरान की सैन्य शक्ति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता था जो सीधे तौर पर हिजबुल्लाह की मदद करता था। इजरायल ने उसके बारे में कुछ प्रमुख जानकारियां साझा की हैं:
- पद: वह Quds Force की इंजीनियरिंग शाखा का हेड था।
- विशेषज्ञता: लेबनान और सीरिया में बड़े पैमाने पर जमीन के नीचे बुनियादी ढांचा तैयार करना।
- इजरायली आरोप: वह हिजबुल्लाह के लिए हथियारों के सुरक्षित भंडारण और आतंकी गतिविधियों के लिए सुरंगें बनाने का मास्टरमाइंड था।
- असर: IDF का कहना है कि उसकी मौत से ईरान और हिजबुल्लाह के क्षेत्रीय नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
क्षेत्र में जारी अन्य बड़ी घटनाएं और हमले
वफाई की मौत के दावे के साथ ही खाड़ी क्षेत्र में कई अन्य सैन्य गतिविधियां दर्ज की गई हैं। कतर और सऊदी अरब ने भी अपनी सीमाओं के पास हमलों की जानकारी दी है।
| क्षेत्र/देश | प्रमुख घटना |
|---|---|
| Tehran, Iran | पूर्व अमेरिकी दूतावास के परिसर पर हवाई हमला हुआ। |
| Qatar Coast | ईरान से दागी गई मिसाइल एक तेल टैंकर को लगी। |
| Saudi Arabia | दो ड्रोन विमानों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। |
| Israel | ईरानी मिसाइलों के कारण अलर्ट जारी, एक बच्ची के घायल होने की खबर। |
| Beirut, Lebanon | इजरायली सेना ने हिजबुल्लाह के कमांडरों को निशाना बनाया। |
इजरायल और ईरान की तरफ से आए आधिकारिक बयान
IDF के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल Effie Defrin ने कहा कि यह हमला अमेरिका के साथ मिलकर चलाए जा रहे एक महीने पुराने संयुक्त अभियान का हिस्सा है। इस अभियान का उद्देश्य ईरान के प्रॉक्सी नेटवर्क को कमजोर करना है। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची (Abbas Araghchi) ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल अमेरिका के साथ किसी भी तरह का समझौता या बातचीत नहीं चल रही है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए यह स्थिति चिंताजनक हो सकती है क्योंकि हवाई यात्रा और सुरक्षा नियमों में अचानक बदलाव की संभावना बनी रहती है।




