इसराइल अब हिजबुल्लाह और हमास जैसे संगठनों को पूरी तरह खत्म करना चाहता है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, इसराइल इन समूहों को पूरी तरह निहत्था करने की मांग कर रहा है। लेकिन इसराइल की सेना के कुछ सूत्रों का मानना है कि यह तभी मुमकिन है जब लेबनान और गाजा पर पूरी तरह कब्जा कर लिया जाए। इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।

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इसराइल की मांग और सेना की राय क्या है?

इसराइल चाहता है कि हिजबुल्लाह और हमास के पास कोई भी हथियार न रहे। प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि लेबनान के साथ होने वाली बातचीत का मुख्य केंद्र हिजबुल्लाह को निहत्था करना और एक ऐतिहासिक शांति समझौता करना होगा। वहीं, रक्षा मंत्री Israel Katz ने संकेत दिया कि वे हिजबुल्लाह के खतरे को वैसे ही खत्म करेंगे जैसे गाजा में किया। हालांकि, इसराइल की सेना के भीतर अलग-अलग राय है। कुछ सूत्रों का कहना है कि पूर्ण कब्जा जरूरी है, जबकि कुछ अन्य अधिकारियों ने इसे अव्यावहारिक बताया है।

लेबनान और हमास का इस प्रस्ताव पर क्या स्टैंड है?

लेबनान की सरकार इस समय इसराइल के साथ सीधी बातचीत कर रही है और उसकी प्राथमिकता युद्ध को रोकना है। लेबनान चाहता है कि हिजबुल्लाह को राष्ट्रीय माध्यमों से निहत्था किया जाए और इसके लिए उन्होंने अमेरिका से मदद मांगी है। दूसरी तरफ, हमास ने अमेरिका के शांति प्लान को खारिज कर दिया है। हमास का कहना है कि जब तक इसराइल अपनी शर्तों को पूरा नहीं करता और सेना पीछे नहीं हटाता, वे आगे की बातचीत नहीं करेंगे।

ताजा स्थिति और diplomatic बातचीत का असर

14 अप्रैल 2026 को वॉशिंगटन में इसराइल और लेबनान के राजदूतों के बीच कई दशकों बाद सीधी बातचीत हुई। अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio इस बातचीत की मध्यस्थता कर रहे हैं। बावजूद इसके, जमीन पर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। पिछले 24 घंटों में इसराइली हमलों में लेबनान के करीब 35 लोग मारे गए हैं।

संस्था/देश मुख्य मांग या स्थिति
इसराइल हिजबुल्लाह और हमास का पूर्ण निशस्त्रीकरण
लेबनान तत्काल ceasefire और राष्ट्रीय स्तर पर निशस्त्रीकरण
हमास अमेरिकी प्लान को खारिज किया, सेना की वापसी की मांग
अमेरिका बातचीत की मध्यस्थता और इसराइल के बचाव के अधिकार का समर्थन