इज़राइल ने दक्षिणी लेबनान में जारी किया नया आदेश, ज़हरानी नदी तक खाली करना होगा इलाका
इज़राइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के निवासियों के लिए एक नया और सख्त चेतावनी आदेश जारी किया है। इस नए आदेश के तहत लोगों को ज़हरानी नदी (Zahrani River) के उत्तर में जाने के लिए कहा गया है। यह आदेश पिछली सीमा यानी लिटानी नदी (Litani River) के दायरे को भी पार कर गया है। इस फैसले से लगभग 10 लाख से अधिक लोग प्रभावित हो रहे हैं जिन्हें अपना घर छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की ओर जाना पड़ रहा है। इज़राइल ने यह कदम हिजबुल्लाह के ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई तेज करने के मकसद से उठाया है।
सैनिक आदेश और प्रभावित होने वाले इलाके
इज़राइली सेना के प्रवक्ता Avichay Adraee ने सोशल मीडिया के माध्यम से निवासियों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की हिदायत दी है। उन्होंने साफ कहा है कि इन आदेशों का पालन न करना लोगों की जान को जोखिम में डाल सकता है।
- सेना ने दक्षिणी लेबनान के सजद (Sajd) गांव के निवासियों को तुरंत घर छोड़ने को कहा है।
- इज़राइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने स्पष्ट किया है कि जब तक उत्तरी इज़राइल की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, लोग वापस नहीं लौट पाएंगे।
- सैनिक कार्रवाई का विस्तार ज़हरानी नदी तक कर दिया गया है जो पुराने सुरक्षा जोन से काफी दूर है।
- प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने सीमावर्ती गांवों में विध्वंस की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं।
विस्थापन का बढ़ता आंकड़ा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
लेबनान में इस समय मानवीय संकट गहराता जा रहा है क्योंकि बड़ी संख्या में लोग बेघर हो रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस व्यापक विस्थापन पर अपनी चिंता जाहिर की है और इसे नियमों के खिलाफ बताया है।
| विवरण | प्रभावित डेटा |
|---|---|
| विस्थापित लोगों की संख्या | 10 लाख से अधिक |
| लेबनान की आबादी का प्रतिशत | लगभग 18 प्रतिशत |
| मुख्य आदेश की तारीख | 26 और 27 मार्च 2026 |
| नई सीमा रेखा | ज़हरानी नदी (Zahrani River) |
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख Volker Turk ने इन सामूहिक विस्थापन आदेशों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। Amnesty International और Human Rights Watch जैसे संगठनों ने भी इसे लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर लोगों का घर छोड़ना इलाके में एक नई मानवीय चुनौती पैदा कर रहा है। इज़राइली सेना ने इसे हिजबुल्लाह के खिलाफ सैन्य रणनीति का हिस्सा बताया है और लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दी है।




