इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच फिर बढ़ी टेंशन, सीमा पर दागे रॉकेट और मिसाइल, लेबनान पर हवाई हमला जारी.
इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच सीमा पर तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। शुक्रवार सुबह 10 अप्रैल 2026 को इज़राइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में कई हवाई हमले और तोपखाने से गोलाबारी की। इसके जवाब में हिज़्बुल्लाह ने भी उत्तरी इज़राइल की ओर कई रॉकेट दागे, जिससे सीमावर्ती इलाकों में अफरातफरी का माहौल है। यह घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया समझौते के बीच हुआ है, जिस पर अब संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
सीमा पर हमले और हिज़्बुल्लाह की जवाबी कार्रवाई
शुक्रवार सुबह हिज़्बुल्लाह ने उत्तरी इज़राइल के किर्यात शमोना और मिसगाव आम शहरों को निशाना बनाया और हमलों की जिम्मेदारी ली। संगठन का कहना है कि यह हमला इज़राइल द्वारा समझौते के उल्लंघन का जवाब है। दूसरी ओर, इज़राइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के काफ़र रूम्मन, काफ़र तिबनित और हब्बौश जैसे कस्बों को भारी गोलाबारी का निशाना बनाया है।
- इज़राइल ने गुरुवार रात बेरूत में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हिज़्बुल्लाह नेता नईम कासिम के निजी सचिव अली यूसुफ हरशी को ढेर कर दिया।
- हिज़्बुल्लाह ने चेतावनी दी है कि जब तक इज़राइली और अमेरिकी आक्रामकता बंद नहीं होती, उनके हमले जारी रहेंगे।
- दक्षिणी लेबनान में इज़राइली तोपखाने की गोलाबारी से इमारतों को काफी नुकसान पहुंचने की खबरें मिली हैं।
- ईरान के तेहरान और अन्य इलाकों में भी विस्फोटों और हवाई रक्षा बलों की सक्रियता की खबरें आई हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
समझौते और भविष्य की स्थिति पर मुख्य अपडेट
क्षेत्र में जारी इस तनाव के बीच कूटनीतिक स्तर पर भी बयानबाजी तेज हो गई है। इज़राइल ने शांति के लिए कड़ी शर्तें रखी हैं, जिसे हिज़्बुल्लाह ने मानने से इनकार कर दिया है। नीचे दी गई टेबल में प्रमुख घटनाक्रमों को देखा जा सकता है:
| विषय | ताज़ा स्थिति |
|---|---|
| इज़राइल की शर्त | प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि हिज़्बुल्लाह को हथियार छोड़ना होगा तभी शांति वार्ता होगी। |
| हिज़्बुल्लाह का रुख | हथियार छोड़ने की शर्त को खारिज किया और हमले जारी रखने की बात कही। |
| ईरान का बयान | राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने लेबनान पर हमले को युद्धविराम का खुला उल्लंघन बताया है। |
| अमेरिका का पक्ष | डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की आलोचना की और तेल सप्लाई में रुकावट पर सवाल उठाए। |
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने चेतावनी दी है कि लगातार जारी युद्ध और सप्लाई चेन टूटने की वजह से लेबनान में खाने-पीने की चीज़ों का गंभीर संकट पैदा हो सकता है। पाकिस्तान ने भी इस मामले में मध्यस्थता का दावा किया है, हालांकि अमेरिका और इज़राइल ने लेबनान के युद्धविराम में शामिल होने की बात से फिलहाल इनकार किया है।





