Israel-Hezbollah War: हिज़बुल्लाह के हमले में 1500 साल पुराना चर्च क्षतिग्रस्त, लेबनान में भी भारी तबाही
इसराइल और लेबनान के बीच जंग एक बार फिर तेज हो गई है। हिज़बुल्लाह ने उत्तरी इसराइल के नहारिया शहर पर रॉकेटों की बौछार कर दी, जिसमें एक 1500 साल पुराना बाइजेंटाइन चर्च क्षतिग्रस्त हो गया। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पिछले कई हफ्तों से इसराइल लेबनान में भारी बमबारी कर रहा है।
हिज़बुल्लाह ने क्यों किया यह हमला?
हिज़बुल्लाह ने 9 अप्रैल 2026 को बयान दिया कि उन्होंने इसराइल की ceasefire agreement के उल्लंघन के जवाब में रॉकेट दागे। उनका कहना है कि हिज़बुल्लाह ने तो समझौते का पालन किया, लेकिन इसराइल ने नहीं। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक लेबनान के लोगों और देश पर हमला बंद नहीं होता, वे अपनी कार्रवाई जारी रखेंगे। हिज़बुल्लाह ने लेबनान के नागरिक इलाकों पर हो रहे हमलों को युद्ध अपराध और नरसंहार बताया है।
इसराइल की प्रतिक्रिया और मौजूदा स्थिति
इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ किया है कि ईरान और अमेरिका के बीच हुआ ceasefire लेबनान पर लागू नहीं होता है। इसराइल की सेना के प्रवक्ता ने दावा किया कि उन्होंने पिछले 24 घंटों के भीतर हिज़बुल्लाह के 120 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया है। साथ ही, इसराइल ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है कि हिज़बुल्लाह एम्बुलेंस का इस्तेमाल आतंकी कामों के लिए कर रहा है, इसलिए अब एम्बुलेंस पर भी हमला किया जा सकता है।
जंग का असर और मानवीय संकट
2 मार्च 2026 से शुरू हुई इस लड़ाई ने लेबनान में भारी तबाही मचाई है। हज़ारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और लाखों लोग अपने घरों से दूर पलायन करने को मजबूर हुए हैं। World Food Programme (WFP) दक्षिणी लेबनान में लगातार मदद पहुँचा रहा है। WHO के अधिकारियों ने अस्पतालों की सुरक्षा के लिए इसराइल से बात की है, लेकिन एम्बुलेंस पर हमले की चेतावनी ने चिंता बढ़ा दी है।
| विवरण | आंकड़े / जानकारी |
|---|---|
| कुल मौतें (2 मार्च से) | 1500 से ज़्यादा |
| विस्थापित लोग (लेबनान) | करीब 10 लाख |
| WFP द्वारा सहायता प्राप्त लोग | 4 लाख 40 हज़ार से ज़्यादा |
| इसराइल द्वारा नष्ट किए गए ठिकाने (24 घंटे) | 120 से अधिक |
| नहारिया चर्च की उम्र | 1500 साल |
| 10 अप्रैल को लेबनान में मौतें | कम से कम 14 |




