Israel-Houthi Conflict: यमन से आए ड्रोन और मिसाइल को इजरायल ने हवा में ही उड़ाया, सऊदी और जॉर्डन में भी अलर्ट
इजरायल और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव अब और गहरा गया है। 29 मार्च 2026 की सुबह इजरायली सेना ने यमन की तरफ से भेजे गए दो ड्रोन को बीच रास्ते में ही मार गिराया। रिपोर्ट के अनुसार, एक ड्रोन को लाल सागर (Red Sea) के ऊपर नष्ट किया गया, जबकि दूसरा ड्रोन इजरायल के ईलात (Eilat) शहर तक पहुंच गया था, जिसे वहां के Iron Dome सिस्टम ने हवा में ही खत्म कर दिया। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब हूतियों ने पहली बार इजरायल की तरफ बैलिस्टिक मिसाइल दागने की बात भी कही है।
हूती विद्रोहियों के हमले और इजरायल की चेतावनी पर बड़ा अपडेट
यमन के हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल Yahya Saree ने इन हमलों की पूरी जिम्मेदारी ली है। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि यह इजरायल के खिलाफ उनके सैन्य अभियान का दूसरा चरण है। इजरायली सेना (IDF) ने पुष्टि की है कि यह पहली बार है जब उन्हें यमन की तरफ से इस तरह के सीधे मिसाइल हमले का सामना करना पड़ा है। इस घटना के बाद इजरायल के रक्षा मंत्री और अन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि वे इसका बदला लेंगे और हूतियों को इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी।
पिछले 24 घंटों में हुए मुख्य घटनाक्रम की जानकारी
इस पूरे मामले में इजरायल के साथ-साथ पड़ोसी देशों में भी काफी हलचल देखी गई। मुख्य जानकारी इस प्रकार है:
- मिसाइल हमला: 28 मार्च 2026 को हूतियों ने दक्षिणी इजरायल की ओर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जिसे सफलतापूर्वक रोका गया।
- ड्रोन इंटरसेप्शन: 29 मार्च की सुबह दो अलग-अलग ड्रोन हमलों को इजरायली सुरक्षा तंत्र ने नाकाम कर दिया।
- सऊदी अरब की कार्रवाई: सऊदी रक्षा मंत्रालय ने भी जानकारी दी है कि उन्होंने पिछले कुछ घंटों में 10 ड्रोन को मार गिराया है।
- जॉर्डन में अलर्ट: यमन से आ रहे एक ड्रोन को जॉर्डन के अकाबा (Aqaba) शहर के ऊपर भी इंटरसेप्ट किया गया है।
- इजरायल का रुख: इजरायली सरकार ने संकेत दिया है कि वे हूती नेताओं को निशाना बनाकर सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं।
आम जनता और सुरक्षा पर क्या असर पड़ेगा?
इजरायल के दक्षिणी इलाकों में इन हमलों के कारण हवाई हमले के सायरन बजाए गए, जिससे लोगों में डर का माहौल बना रहा। हालांकि, सेना ने बताया है कि इन सभी घटनाओं में किसी के घायल होने या जान जाने की खबर नहीं है। सऊदी अरब और जॉर्डन जैसे देशों ने भी अपनी हवाई सीमाओं की सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके। खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और प्रवासियों को सलाह दी जा रही है कि वे आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान दें और अफवाहों से बचें। यह पूरा मामला अब एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का रूप लेता दिख रहा है।




