Israel Iran Update: इजरायल के मंत्रियों का बड़ा बयान, ईरान की सत्ता पलटने में लग सकता है पूरा 1 साल
इजरायल और ईरान के बीच चल रहे भारी तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। सऊदी न्यूज 50 और इजरायली ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन की 11 मार्च 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल के मंत्रियों ने बताया है कि ईरान की वर्तमान सरकार और सत्ता को पूरी तरह से उखाड़ फेंकने में कम से कम एक साल का समय लग सकता है। इस लंबी कार्रवाई के लिए इजरायल और अमेरिका मिलकर खास ऑपरेशन्स चला रहे हैं और सैन्य तैयारियां की जा रही हैं।
ईरान को लेकर इजरायल की क्या है पूरी प्लानिंग?
इजरायल के विदेश मंत्री Gideon Saar ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे सैन्य अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान में सत्ता परिवर्तन करना है। उन्होंने बताया कि इजरायल और अमेरिका मिलकर सैन्य तौर पर इसके लिए जमीन तैयार कर रहे हैं, लेकिन अंतिम बदलाव ईरान की आम जनता के नेतृत्व में ही होना चाहिए। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी पुष्टि की है कि अमेरिका के साथ मिलकर ‘Operation Roaring Lion’ चलाया जा रहा है। अमेरिका इसे ‘Operation Epic Fury’ का नाम दे रहा है। दोनों नेताओं का मानना है कि इस अभियान में जीत के लिए धैर्य की जरूरत है और यह एक लंबी प्रक्रिया होगी।
हाल ही में हुए हमलों और खाड़ी देशों पर असर
पिछले 24 घंटों में इजरायल की वायुसेना ने तेहरान और तबरिज में कई बड़े हवाई हमले किए हैं। इनमें खासतौर पर IRGC के मुख्यालय, स्पेशल फोर्सेज के ठिकानों और मिसाइल सुरक्षा यूनिट्स को निशाना बनाया गया है। ईरान की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई हो रही है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बारूदी सुरंगें बिछाने की खबरें आ रही हैं। वहीं सऊदी अरब, बहरीन, यूएई और कतर जैसे खाड़ी देशों ने अपनी संप्रभुता और सुरक्षा को मजबूत करते हुए ईरान की तरफ से आने वाले कई ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया है।
इस जंग से क्षेत्रीय सुरक्षा पर क्या पड़ेगा प्रभाव?
ईरान में अली खामेनेई के निधन के बाद नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei के बनने से यह तनाव और भी गहरा गया है। आम नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए इजरायल की सरकार ने अपने राष्ट्रीय बजट में रक्षा और नागरिक सुरक्षा फंड को सबसे ऊपर रखा है, ताकि साल भर चलने वाले इस संभावित अभियान के दौरान कोई आर्थिक संकट न आए। दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भी एक प्रस्ताव पर वोटिंग होनी है, जिसमें ईरान से अपने पड़ोसी देशों पर हमले रोकने की मांग की गई है। खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों के लिए भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि पूरे क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे।




