इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग अब छठे हफ्ते में पहुंच गई है और इसके जल्द रुकने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं. इजराइली अधिकारियों का ताजा अनुमान है कि यह लड़ाई अभी कम से कम दो हफ्ते या उससे ज्यादा समय तक चल सकती है. सऊदी मीडिया और इजराइली ब्रॉडकास्टिंग अथॉरिटी ने जानकारी दी है कि सैन्य अभियान अपने लक्ष्यों को पूरा करने तक जारी रहेगा. इस युद्ध में अब अमेरिकी सेना भी पूरी तरह सक्रिय है और ईरान के ठिकानों पर कड़े हमले किए जा रहे हैं.

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इस युद्ध को लेकर इजराइली अधिकारियों का क्या कहना है?

इजराइली अधिकारियों और सेना के प्रवक्ताओं ने साफ कर दिया है कि वे किसी समय सीमा या घड़ी को देखकर काम नहीं कर रहे हैं. इजराइल डिफेंस फोर्सेस (IDF) के मुताबिक ईरान में उनके ऑपरेशंस अभी कम से कम तीन हफ़्तों तक और चल सकते हैं. इजराइल के रक्षा मंत्री ने भी मार्च में ही यह स्पष्ट कर दिया था कि ईरान के खिलाफ यह संयुक्त सैन्य कार्रवाई तब तक चलेगी जब तक उनके सभी उद्देश्य पूरे नहीं हो जाते. अधिकारियों का मानना है कि युद्ध की स्थिति आने वाले दिनों में और गंभीर हो सकती है.

जंग के ताज़ा हालात और अब तक क्या नुकसान हुआ?

पिछले 24 घंटों में युद्ध के मोर्चे पर कई बड़ी घटनाएं हुई हैं. इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि उनके हमलों में ईरान की स्टील उत्पादन क्षमता का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा बर्बाद हो गया है. वहीं ईरान की ओर से शुक्रवार सुबह भी इजराइल के मध्य इलाकों में मिसाइलें और रॉकेट दागे गए जिनसे काफी नुकसान हुआ है.

मुख्य बिंदु विवरण
युद्ध की अवधि अभी 2 हफ़्तों से ज्यादा चलने का अनुमान है
अमेरिका की भूमिका अमेरिकी राष्ट्रपति ने अगले 2-3 हफ्तों तक भारी हमलों की बात कही है
ईरान का नुकसान 70% स्टील उत्पादन क्षमता नष्ट होने का दावा
लेबनान मोर्चा लेबनान में हिजबुल्लाह के साथ इजराइली सेना की मुठभेड़ जारी है
हमास की शर्त हमास ने इजराइली सेना की पूरी वापसी तक हथियार डालने से मना किया है

इस बीच आठ मुस्लिम देशों ने मिलकर इजराइल के उस नए कानून की निंदा की है जिसमें सैन्य अदालतों में दोषी पाए गए फिलिस्तीनियों के लिए फांसी की सजा का प्रावधान किया गया है. खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और खासकर भारतीयों के लिए इन हालातों पर नजर रखना जरूरी है क्योंकि युद्ध लंबा खिंचने से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.