इज़रायली सेना (IDF) ने पश्चिमी एशिया में अपना अभियान और तेज़ कर दिया है। मंगलवार को इज़रायल ने ईरान के एक बहुत बड़े नेता और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी को मार गिराने का दावा किया है। इसके साथ ही बसिज (Basij) फोर्स के कमांडर गुलामरेज़ा सुलेमानी की भी एक एयरस्ट्राइक में मौत हो गई है।

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कैसे हुआ ये बड़ा हमला?

इज़रायल की सेना ने ईरान के अंदर घुसकर एयरफोर्स के जेट और ड्रोन (UAV) से ये हमले किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अली लारीजानी को तेहरान के पास एक सेफ हाउस में निशाना बनाया गया। वहीं कमांडर गुलामरेज़ा सुलेमानी और उनके डिप्टी सैयद करीशी एक टेंट में छिपे थे, जहां उन पर जोरदार हमला किया गया। इज़रायल ने इसे ईरान की ताकत पर एक बहुत बड़ी चोट बताया है।

इज़रायली पीएम नेतन्याहू ने क्या कहा?

इस बड़े ऑपरेशन के बाद इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के बॉस अली लारीजानी को खत्म कर दिया है। उन्होंने साफ़ तौर पर चेतावनी दी है कि आने वाले समय में ‘अभी और भी कई सरप्राइज आने बाकी हैं।’ इज़रायल के रक्षा मंत्री इज़रायल कैट्ज़ ने भी कहा है कि उनकी सेना ईरान के बड़े लीडर्स को लगातार ढूंढ़कर खत्म करती रहेगी।

ईरान में अब तक क्या-क्या हुआ?

इस ताज़ा हमले से ईरान की बसिज लीडरशिप को भारी नुकसान पहुंचा है।

  • 28 फरवरी के बाद से इस संघर्ष में ईरान में 1,300 लोगों की जान जा चुकी है।
  • लेबनान में इसी दौरान 886 लोगों की मौत हुई है।
  • पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद अली लारीजानी को ही ईरान का मुख्य लीडर माना जा रहा था।

ईरान की सरकारी मीडिया ने अभी तक इन मौतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन इज़रायल की सेना और रक्षा मंत्रालय की तरफ से इसका पूरा ऐलान कर दिया गया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.