इसराइल ने लेबनान पर किए भीषण हमले, अमेरिका-ईरान सीजफायर के अगले ही दिन छिड़ी जंग, क्या समझौते में शामिल नहीं था लेबनान.
अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर समझौते के ठीक एक दिन बाद इसराइल ने लेबनान पर भारी हमले किए हैं. इन हमलों के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद छिड़ गया है कि क्या लेबनान इस समझौते का हिस्सा था या नहीं. सभी पक्ष अपनी-अपनी तरह से इस समझौते की व्याख्या कर रहे हैं, जबकि लेबनान के कई इलाकों में बमबारी से स्थिति बिगड़ गई है.
सीजफायर समझौते को लेकर क्यों हो रहा है विवाद
इसराइल और अन्य संबंधित पक्षों के बीच इस बात को लेकर भारी मतभेद है कि सीजफायर की शर्तें किस पर लागू होती हैं. इसराइल का मानना है कि लेबनान इस डील का हिस्सा नहीं था, इसलिए उसने अपने सैन्य ऑपरेशन जारी रखे हैं. वहीं दूसरी ओर अन्य पक्ष इसे पूरे क्षेत्र में शांति के लिए एक बड़ा कदम मान रहे थे. इस असमंजस के कारण युद्ध विराम के बावजूद हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है.
लेबनान और इसराइल के बीच ताजा हालात की मुख्य बातें
- इसराइल ने 8 अप्रैल 2026 को लेबनान के विभिन्न हिस्सों में भारी बमबारी की.
- यह हमले अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते के ठीक 24 घंटे बाद हुए हैं.
- सभी पक्ष अब इस बात पर बहस कर रहे हैं कि क्या लेबनान को इस समझौते में शामिल किया जाना चाहिए था.
- विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन हमलों से लेबनान के नागरिक इलाकों में काफी डर का माहौल बना हुआ है.
- राजनयिक स्तर पर इस मामले को सुलझाने के लिए फिर से बातचीत की कोशिशें शुरू हो सकती हैं.
प्रवासियों और आम जनता पर क्या होगा असर
लेबनान में रहने वाले प्रवासियों और वहां से यात्रा करने वाले लोगों के लिए सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं. युद्ध विराम की खबरों के बाद लोग राहत की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन फिर से शुरू हुए हमलों ने स्थिति को अनिश्चित बना दिया है. खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य देशों के नागरिक जो लेबनान से जुड़े हैं, वे अब अपडेट्स पर नजर रख रहे हैं ताकि अपनी सुरक्षा का फैसला ले सकें.




