इसराइल और लेबनान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। 8 और 9 अप्रैल 2026 को इसराइली सेना ने लेबनान के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में मौजूद कई शहरों पर ताबड़तोड़ हमले किए। इन हमलों में अब तक 250 से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है और 1,100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह हमला उस समय हुआ जब अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीज़फायर की खबरें आ रही थीं, लेकिन लेबनान को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी।
हमलों में किन इलाकों को बनाया गया निशाना?
इसराइली सेना ने लेबनान के अल-शेख और मीफादुन जैसे पूर्वी शहरों के साथ-साथ दक्षिणी शहर कुनिन और अली अल-ताहिर हाइट्स पर भारी बमबारी की है। इसराइली रक्षा बल यानी IDF का दावा है कि उन्होंने हिज़बुल्लाह के मुख्यालयों, कमांड सेंटरों और हथियारों के ठिकानों को निशाना बनाया है। इस ऑपरेशन को इसराइल ने ‘ऑपरेशन इटरनल डार्कनेस’ का नाम दिया है। हमलों की वजह से लेबनान के रिहायशी इलाकों में भारी तबाही हुई है और हज़ारों लोग बेघर हो गए हैं।
प्रमुख देशों और नेताओं ने क्या कहा?
| पक्ष | प्रतिक्रिया और बयान |
|---|---|
| Israel | पीएम नेतन्याहू ने कहा कि सीज़फायर लेबनान पर लागू नहीं होता। सेना अपना ऑपरेशन जारी रखेगी। |
| Lebanon | पीएम नवाफ सलाम ने इसे युद्ध अपराध बताया और 9 अप्रैल को राष्ट्रीय शोक घोषित किया। |
| USA | डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि लेबनान ईरान के साथ हुए सीज़फायर समझौते का हिस्सा नहीं है। |
| United Nations | संयुक्त राष्ट्र ने हमलों की कड़ी निंदा की और इसे भयानक विनाश करार दिया है। |
लेबनान में बिगड़ते मानवीय हालात
लेबनान में पिछले कुछ हफ्तों में करीब 12 लाख लोग अपने घरों को छोड़कर भागने पर मजबूर हुए हैं। यह देश की कुल आबादी का लगभग पांचवां हिस्सा है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मरने वालों में पत्रकार और आम नागरिक भी शामिल हैं। हिज़बुल्लाह ने भी इसराइली हमलों के जवाब में उत्तरी इसराइल पर रॉकेट दागने की बात कही है। इस बीच फ्रांस, ब्रिटेन और इटली जैसे देशों ने इसराइल से हमले रोकने और लेबनान को भी शांति समझौते में शामिल करने की अपील की है।