इसराइल और लेबनान के बीच होगी शांति वार्ता, PM नेतन्याहू ने कैबिनेट को दिए निर्देश, हमले में 300 लोगों की हुई मौत
इसराइल और लेबनान के बीच तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। लेबनान में हुए भीषण हमलों के बाद इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने अपनी कैबिनेट को जल्द से जल्द युद्ध विराम (ceasefire) की बातचीत शुरू करने का आदेश दिया है। इस हमले में करीब 300 लोगों की जान गई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं।
लेबनान में क्या हुआ और कितना नुकसान हुआ?
8 अप्रैल 2026 को इसराइल ने लेबनान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया। इन हमलों में बेरूत, बिका घाटी और दक्षिणी लेबनान के घनी आबादी वाले इलाकों को निशाना बनाया गया। लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इस हमले में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हुई और 1,100 से ज्यादा लोग घायल हुए। इस घटना के बाद लेबनान में शोक दिवस घोषित किया गया है और अस्पतालों में घायलों की भारी भीड़ देखी गई।
शांति वार्ता कब और कहां शुरू होगी?
खबरों के मुताबिक, इसराइल और लेबनान के बीच सीधी बातचीत अगले हफ्ते यानी 13 अप्रैल 2026 के हफ्ते में Washington में हो सकती है। इस मीटिंग की मेजबानी अमेरिकी विदेश विभाग करेगा। इसी बीच, 11 अप्रैल को Islamabad में अमेरिका और ईरान के बीच भी बातचीत तय हुई है, जिसमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति J.D. Vance अमेरिकी दल का नेतृत्व करेंगे।
विभिन्न देशों का इस विवाद पर क्या कहना है?
| देश/पक्ष | मुख्य बयान और स्टैंड |
|---|---|
| इसराइल | बातचीत का लक्ष्य Hezbollah को निशस्त्र करना और सुरक्षा बहाल करना है, लेकिन अभी कोई ceasefire लागू नहीं है। |
| लेबनान | राष्ट्रपति Joseph Aoun ने हमलों को बर्बर बताया है। बातचीत के लिए इसराइल की सेना का वापस जाना जरूरी शर्त है। |
| ईरान | राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि लेबनान के बिना कोई भी समझौता अधूरा है और यह हमला ceasefire का उल्लंघन है। |
| अमेरिका | राष्ट्रपति Donald Trump ने PM नेतन्याहू से हमलों को कम करने और मामले को शांत रखने को कहा है। |




