लेबनान और इज़राइल के बीच सीमा पर चल रही लड़ाई अब और तेज़ हो गई है। 2 अप्रैल 2026 को हिजबुल्लाह ने इज़राइली सेना की टुकड़ियों को निशाना बनाते हुए रॉकेट और ड्रोन से हमला किया। इसके जवाब में इज़राइल ने बेरूत और दक्षिणी लेबनान के इलाकों में हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में हिजबुल्लाह के एक बड़े सैन्य कमांडर के मारे जाने की पुष्टि हुई है जिससे इलाके में स्थिति काफी गंभीर हो गई है।

🗞️: ईरान ने अमेरिका की पत्थर युग वाली धमकी पर दिया करारा जवाब, मुंबई दूतावास ने जताई कड़ी आपत्ति

इज़राइल के हमले में क्या हुआ नुकसान?

इज़राइल डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने बेरूत में एक खास ऑपरेशन के दौरान हिजबुल्लाह के दक्षिणी फ्रंट के कमांडर Hajj Yusuf Ismail Hashem को मार गिराया है। इज़राइली सेना का दावा है कि इस कमांडर की मौत से हिजबुल्लाह की ताकत कम होगी। इसके अलावा दक्षिणी लेबनान में हुए अन्य हमलों में कम से कम 14 लोगों की मौत हुई है। लेबनान के गृह मंत्री Ahmad al-Hajjar ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की गुहार लगाई है और कहा है कि उनका देश एक थोपी हुई जंग झेल रहा है।

संघर्ष से जुड़ी कुछ मुख्य बातें और आंकड़े

लेबनान और इज़राइल के बीच 2 मार्च 2026 से जारी इस नए संघर्ष में अब तक काफी जान-माल का नुकसान हो चुका है। इससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं:

विवरण आंकड़े या जानकारी
कुल मौतें (2 मार्च से अब तक) 1,318
घायलों की संख्या 3,935
इज़राइली हवाई सीमा उल्लंघन 10,000 से अधिक
मारे गए मुख्य कमांडर Hajj Yusuf Ismail Hashem
हमले का तरीका रॉकेट, ड्रोन और तोपखाना

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद इस मामले पर अप्रैल के महीने में चर्चा करने वाली है। UNIFIL की रिपोर्ट के अनुसार नवंबर 2024 के बाद से इज़राइल ने लेबनान में 1,400 से ज़्यादा सैन्य गतिविधियां की हैं। फिलहाल लेबनान में हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं और आम जनता सुरक्षित ठिकानों की तलाश में है।