ईरान ने अमेरिका की पत्थर युग वाली धमकी पर दिया करारा जवाब, मुंबई दूतावास ने जताई कड़ी आपत्ति
मुंबई में ईरान के महावाणिज्य दूतावास ने गुरुवार 2 अप्रैल 2026 को अमेरिकी युद्ध सचिव Pete Hegseth के बयान की कड़ी निंदा की है। अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी थी कि उसे इतना बुरा मारा जाएगा कि वह सीधे पत्थर युग में पहुँच जाएगा। ईरान ने इस बयान को अमेरिका के पुराने वादों से भटकाने वाला बताया है। दूतावास ने कहा कि अमेरिका पहले ईरान को महान बनाने की बात करता था और अब उसे तबाह करने की धमकी दे रहा है।
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ईरान ने अमेरिकी दावों को क्यों बताया अप्रैल फूल?
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने संघर्ष विराम की बात कही थी। ईरान ने इसे एक अप्रैल फूल का मजाक बताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया था कि ईरान के नए राष्ट्रपति ने अमेरिका से संघर्ष विराम यानी सीजफायर की मांग की है। ईरान के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कहा कि ट्रंप का यह बयान पूरी तरह से गलत और निराधार है और ईरान अपनी रक्षा करना अच्छी तरह जानता है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के मुख्य बिंदु
दोनों देशों के बीच पिछले कुछ दिनों में जुबानी जंग काफी तेज हो गई है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के खिलाफ सख्त सैन्य कार्रवाई करेगा। इस बीच अमेरिका के भीतर भी इन बयानों का विरोध शुरू हो गया है।
- Strait of Hormuz: इस रास्ते के बंद होने से दुनिया भर के तेल बाजार पर बड़ा असर पड़ा है।
- Donald Trump: ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को पूरी तरह मिटाने की धमकी दी है।
- Senator Mark Kelly: अमेरिकी सीनेटर ने अपने ही देश के रक्षा सचिव के बयान को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और युद्ध अपराध बताया है।
- Democratic Lawmakers: कई अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप की ईरान नीति की आलोचना की है और युद्ध रोकने की अपील की है।
ईरानी दूतावास द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी
| विषय | विवरण |
|---|---|
| बयान जारी करने वाली संस्था | ईरान का महावाणिज्य दूतावास, मुंबई |
| तारीख | 2 अप्रैल 2026 |
| अमेरिकी अधिकारी | Pete Hegseth (युद्ध सचिव) |
| ईरान का पक्ष | धमकियों को भ्रामक और सभ्यता का अपमान बताया |
ईरानी दूतावास ने यह भी कहा कि ईरान की सभ्यता बहुत पुरानी है और वह किसी भी बाहरी दबाव में आने वाला नहीं है। अमेरिका के युद्ध सचिव Pete Hegseth ने पिछले हफ्ते भी दुश्मनों के प्रति कोई दया न दिखाने की बात कही थी, जिस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस छिड़ गई है।




