Israel और Lebanon के दूतों की बड़ी मुलाकात, भविष्य में दोस्ती के संकेत लेकिन युद्ध विराम से इजरायल का इनकार
Israel और Lebanon के बीच दशकों बाद पहली बार सीधी राजनयिक बातचीत हुई है. यह मुलाकात वॉशिंगटन डी.सी. में हुई, जिसे अमेरिका ने करवाया था. दोनों देशों के दूतों ने भविष्य में अच्छे संबंधों की बात तो की, लेकिन फिलहाल युद्ध रोकने यानी ceasefire पर कोई सहमति नहीं बन पाई है.
इस मुलाकात में क्या खास बातें हुईं?
इजरायली राजदूत Yechiel Leiter और लेबनान की राजदूत Nada Hamadeh के बीच करीब दो घंटे चर्चा हुई. इजरायल ने कहा कि वह लेबनान सरकार के साथ अच्छे संबंध चाहता है क्योंकि दोनों ही Hezbollah के खिलाफ एक ही सोच रखते हैं. हालांकि, इजरायल ने साफ कर दिया कि जब तक Hezbollah पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, वह अपनी सैन्य कार्रवाई बंद नहीं करेगा.
विभिन्न पक्षों का इस बातचीत पर क्या कहना है?
- इजरायल: प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के प्रवक्ता ने कहा कि Hezbollah के साथ युद्ध विराम पर कोई बात नहीं होगी, लेकिन उसके हथियारों को खत्म करने पर चर्चा हो सकती है.
- लेबनान: वहां की सरकार ने युद्ध रोकने और अपनी जमीन की सुरक्षा की मांग की है. वे चाहते हैं कि बीरूत को हथियारों से मुक्त किया जाए.
- अमेरिका: विदेश मंत्री Marco Rubio ने इसे एक ऐतिहासिक मौका बताया है, जिससे इलाके में स्थिरता आ सकती है.
- Hezbollah: इस समूह ने बातचीत को पूरी तरह खारिज कर दिया है और चेतावनी दी है कि वे हमले बढ़ा सकते हैं.
अभी जमीनी हालात क्या हैं?
बातचीत के बावजूद बॉर्डर पर तनाव बरकरार है. इजरायल ने दक्षिण लेबनान में अपनी सेना तैनात कर दी है और हवाई हमले जारी रखे हैं. दूसरी तरफ Hezbollah भी इजरायल के उत्तरी इलाकों पर ड्रोन और मिसाइल हमले कर रहा है. आने वाले कुछ हफ्तों में दोनों देशों के दूत फिर से मिल सकते हैं, ताकि सरकार को नए प्रस्ताव दिए जा सकें.





