दशकों बाद पहली बार इसराइल और लेबनान के बीच सीधी बातचीत शुरू हुई है। यह मीटिंग अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में 14 अप्रैल 2026 को शुरू हुई। दोनों देश लंबे समय से युद्ध की स्थिति में रहे हैं, ऐसे में अमेरिका की मध्यस्थता में यह एक बहुत बड़ी कोशिश मानी जा रही है।

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बातचीत में किन बातों पर चर्चा होगी?

इस मीटिंग में दोनों देशों के राजदूत शामिल हुए हैं। इसराइल चाहता है कि लेबनान में मौजूद हिज़बुल्लाह के हथियारों को खत्म किया जाए और अपनी उत्तरी सीमा पर सुरक्षा पक्की की जाए। दूसरी तरफ, लेबनान की मुख्य मांग यह है कि पहले युद्धविराम (ceasefire) हो और भविष्य की बातचीत के लिए तारीख तय की जाए। अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio भी इस पूरी प्रक्रिया में मदद कर रहे हैं।

पक्ष प्रतिनिधि मुख्य उद्देश्य
इसराइल Yechiel Leiter हिज़बुल्लाह का निशस्त्रीकरण और सुरक्षा
लेबनान Nada Hamadeh Moawad युद्धविराम और भविष्य की बातचीत
अमेरिका Marco Rubio लंबी अवधि की सुरक्षा सुनिश्चित करना

हिज़बुल्लाह का विरोध और वर्तमान स्थिति

लेबनान की ईरान समर्थित मिलिट्री ग्रुप हिज़बुल्लाह ने इस बातचीत का कड़ा विरोध किया है। उनके नेता Naim Qassem ने 13 अप्रैल को इस मीटिंग को बेकार बताया और कहा कि वे किसी भी समझौते को नहीं मानेंगे। वर्तमान में स्थिति काफी गंभीर है, जहां इसराइली हमले में लेबनान के 2,000 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं और 10 लाख से ज़्यादा लोग अपने घर छोड़कर चले गए हैं। इस बीच 17 देशों ने भी एक बयान जारी कर दोनों पक्षों से इस मौके का फायदा उठाने की अपील की है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com