इसराइली सेना के प्रमुख एयाल ज़मीर ने एक बड़ा ऐलान करते हुए लेबनान की लितानी नदी के दक्षिण में स्थित सभी इलाकों को ऑपरेशनल ज़ोन घोषित कर दिया है। सेना प्रमुख के अनुसार, इस पूरे क्षेत्र में हिज़बुल्लाह के ठिकानों को खत्म करने के लिए ज़मीनी और हवाई हमले और तेज़ किए जा रहे हैं। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य उत्तरी इसराइली समुदायों के लिए सीधे खतरे को जड़ से खत्म करना और इलाके का पूरी तरह से विसैन्यीकरण करना है। इसराइली फौज ने साफ कर दिया है कि जब तक उनके नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक वे इन इलाकों से पीछे नहीं हटेंगे।

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इस फैसले का आम नागरिकों और सुरक्षा पर क्या असर होगा?

इसराइली रक्षा मंत्री और सेना के अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, लितानी नदी तक एक सुरक्षा घेरा यानी बफर ज़ोन बनाने की तैयारी है। इस योजना के तहत सीमावर्ती गांवों को खाली कराया जा रहा है और वहां के बुनियादी ढांचे को नष्ट किया जा रहा है। इसका सीधा असर वहां रहने वाले लेबनानी नागरिकों पर पड़ा है।

  • करीब 6 लाख लेबनानी नागरिकों को सुरक्षित ठिकानों की ओर उत्तर दिशा में जाने को कहा गया है।
  • विस्थापित हुए लोगों को तब तक वापस नहीं आने दिया जाएगा जब तक उत्तरी इसराइल के लोग सुरक्षित महसूस न करें।
  • सीमा के पास स्थित घरों और ठिकानों को नष्ट करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
  • इसराइली सेना ने इस पूरे इलाके को एक तरह का किल ज़ोन बना दिया है जहां हिज़बुल्लाह के लड़ाकों को निशाना बनाया जा रहा है।

मौजूदा युद्ध के हालात और संयुक्त राष्ट्र की चिंताएं

पिछले 24 घंटों के दौरान इसराइली वायु सेना और ज़मीनी टुकड़ियों ने हिज़बुल्लाह के कई सैन्य ढांचों और हथियारों के गोदामों पर छापेमारी की है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र की अंतरिम शांति सेना (UNIFIL) ने इस बढ़ती सैन्य गतिविधि और गांवों को नष्ट किए जाने पर गहरी चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि दोनों तरफ से सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन किया जा रहा है।

विवरण ताज़ा जानकारी
तारीख 5 अप्रैल, 2026
मुख्य कमांडर Lt. Gen. Eyal Zamir
प्रभावित इलाका लेबनान की लितानी नदी का दक्षिणी क्षेत्र
विस्थापित लोग 6,00,000 से ज़्यादा लेबनानी निवासी
ताज़ा घटना UNIFIL के 3 कर्मचारी हमलों में घायल हुए

हिज़बुल्लाह की ओर से भी जवाबी हमले जारी हैं और उन्होंने हाइफ़ा और जेज़रेल घाटी जैसे इलाकों में कई रॉकेट और मिसाइलें दागी हैं। युद्ध की वजह से दोनों तरफ हताहतों की संख्या बढ़ रही है और मानवीय संकट गहराता जा रहा है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com