Hamas का बड़ा ऐलान, हथियार डालने की शर्त को किया खारिज, कहा पहले पूरी तरह लागू हो युद्धविराम समझौता
हमास की सशस्त्र शाखा अल-कसम ब्रिगेड ने साफ कर दिया है कि वह फिलहाल हथियार डालने या निशस्त्रीकरण के किसी भी प्रस्ताव पर चर्चा नहीं करेगी. संगठन का कहना है कि जब तक इसराइल अमेरिका की मध्यस्थता वाले युद्धविराम के पहले चरण को पूरी तरह जमीन पर लागू नहीं करता, तब तक ऐसी कोई बातचीत मुमकिन नहीं है. हमास ने हथियार डालने की मांग को युद्ध जारी रखने और नरसंहार की एक नई कोशिश करार दिया है.
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समझौते की शर्तों पर हमास का क्या कहना है?
हमास के प्रवक्ता अबू उबैदा ने 5 अप्रैल 2026 को अपने बयान में बताया कि इसराइल समझौते की मानवीय शर्तों में रुकावट पैदा कर रहा है. उन्होंने कहा कि जो चीज दुश्मन टैंकों के जरिए हासिल नहीं कर सका, उसे बातचीत के जरिए हासिल नहीं करने दिया जाएगा. हमास ने मध्यस्थों से मांग की है कि वे इसराइल पर दबाव डालें ताकि वह अक्टूबर 2025 में हुए समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करे. हमास का आरोप है कि इसराइल अभी भी रफ़ा क्रॉसिंग को बंद रखे हुए है और सहायता सामग्री को रोक रहा है.
युद्धविराम और शांति प्रस्ताव की पूरी टाइमलाइन
शांति वार्ता और युद्धविराम को लेकर पिछले कुछ महीनों में कई महत्वपूर्ण घटनाएं हुई हैं, जिन्हें नीचे दी गई तालिका में समझा जा सकता है:
| तारीख | प्रमुख घटना या अपडेट |
|---|---|
| अक्टूबर 2025 | हमास और इसराइल के बीच युद्धविराम समझौता लागू हुआ. |
| जनवरी 2026 | अमेरिका ने समझौते के दूसरे चरण की शुरुआत की घोषणा की. |
| 27 मार्च 2026 | ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस ने 8 महीने का निशस्त्रीकरण प्लान पेश किया. |
| 2 अप्रैल 2026 | हमास ने प्रस्ताव में बदलाव के लिए मध्यस्थों को अपनी मांगें भेजीं. |
| 5 अप्रैल 2026 | हमास ने आधिकारिक तौर पर हथियार डालने की चर्चा से मना किया. |
इसराइल और अमेरिका का इस पर क्या रुख है?
इसराइल की सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि जब तक हमास पूरी तरह निशस्त्र नहीं हो जाता, तब तक गाज़ा में उसका कोई भविष्य नहीं है. इसराइली अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर हमास हथियार नहीं डालता है, तो सैन्य अभियान दोबारा शुरू किए जा सकते हैं. वहीं, अमेरिका की ओर से प्रस्तावित शांति योजना में हमास का निशस्त्रीकरण एक सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है. इस बीच हमास के एक प्रतिनिधिमंडल ने तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन से मुलाकात कर गाज़ा की मौजूदा स्थिति और मानवीय सहायता की डिलीवरी पर चर्चा की है.




