इसराइल ने बेरूत खाली करने का दिया आदेश, भारी बमबारी की तैयारी, लेबनान में अब तक 182 लोगों की मौत.
इसराइल और लेबनान के बीच चल रही जंग अब बहुत ही भीषण मोड़ पर आ गई है। इसराइली सेना ने 9 अप्रैल 2026 को बेरूत के दक्षिणी इलाकों को खाली करने का सख्त आदेश जारी किया है। सेना का कहना है कि वे हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमला करने वाले हैं और आम लोग अपनी जान बचाने के लिए वहां से हट जाएं। पिछले दो दिनों में हुए हमलों ने पूरे लेबनान को दहला दिया है और मरने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है।
किन इलाकों के लिए जारी हुआ है अलर्ट और क्या है वजह?
इसराइली सेना (IDF) ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों जैसे हरेत हरीक, घोबेरी, लिलाकी, हदाथ, बुर्ज अल-बराजनेह और चियाह के लोगों को तुरंत घर छोड़ने को कहा है। सेना के प्रवक्ता कर्नल अविचाई अद्राई के मुताबिक इन इलाकों में हिजबुल्लाह ने अपना सैन्य ढांचा बना रखा है जिसे नष्ट करना जरूरी है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ तौर पर कहा है कि ईरान के साथ हाल ही में हुआ दो सप्ताह का युद्धविराम लेबनान पर लागू नहीं होता है। इसराइल का लक्ष्य हिजबुल्लाह की ताकत को पूरी तरह खत्म करना है।
अब तक हुए हमले और नुकसान की पूरी जानकारी
पिछले 48 घंटों में लेबनान के हालात बहुत खराब हुए हैं और बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं। मुख्य घटनाएं इस प्रकार हैं:
- 8 अप्रैल 2026 को इसराइल ने 100 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया जिसमें 182 लोगों की जान गई।
- 9 अप्रैल 2026 को इसराइल ने हिजबुल्लाह नेता के निजी सचिव अली यूसुफ हर्षी को मार गिराने का दावा किया है।
- हिजबुल्लाह ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए उत्तरी इसराइल पर रॉकेट दागे हैं।
- लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए सेना को अलर्ट पर रखा है।
- अमेरिका और यूरोपीय देशों ने लेबनान को भी युद्धविराम में शामिल करने की मांग की है।
लेबनान की सरकार ने हिजबुल्लाह से अपने हथियार राज्य के नियंत्रण में देने की अपील की है ताकि देश को और नुकसान से बचाया जा सके। संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इस तनाव को कम करने की कोशिश कर रही हैं लेकिन जमीनी हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।




