इज़रायल में लाइव कवरेज के दौरान एक पत्रकार को पुलिस द्वारा रोके जाने का मामला सामने आया है। अल अरबी टेलीविजन नेटवर्क (Al Araby TV) के पत्रकार जब लाइव रिपोर्टिंग कर रहे थे, तभी पुलिस ने उनके दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है। इस घटना के बाद से क्षेत्र में पत्रकारों की सुरक्षा और प्रेस की आज़ादी को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।

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पत्रकार के साथ हुई इस जांच में क्या जानकारी मिली?

इज़रायली पुलिस ने यह कार्रवाई 24 मार्च 2026 को लाइव ब्रॉडकास्ट के दौरान की। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने पत्रकार के पास मौजूद पहचान पत्रों की बारीकी से जांच की। अल अरबी टीवी कतर का एक प्रमुख न्यूज़ नेटवर्क है जो मिडिल ईस्ट की खबरों को प्रमुखता से दिखाता है। इससे पहले मार्च महीने में ही यरूशलेम और हाइफा जैसे शहरों में भी पत्रकारों को काम करने से रोकने की कई खबरें आई हैं।

पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर संस्थाओं ने क्या कहा?

पत्रकारों के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था CPJ ने इस मामले पर चिंता जाहिर की है। संस्था का कहना है कि पत्रकारों को अपनी पहचान बताने के बाद भी परेशान करना गलत है। इस महीने में अब तक कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जहां मीडिया कर्मियों को कवरेज से रोका गया है और उनके उपकरणों को नुकसान पहुँचाया गया है।

  • यरूशलेम की घटना: 17 मार्च को भी कुछ पत्रकारों को हिरासत में लिया गया था और उनके साथ धक्का-मुक्की हुई थी।
  • पुलिस का आरोप: इज़रायली पुलिस ने इन पत्रकारों पर सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने और अपनी पहचान न बताने का आरोप लगाया था।
  • हाइफा में पाबंदी: मार्च के शुरुआती हफ्तों में हाइफा शहर में भी मीडिया टीमों को रिपोर्टिंग करने से मना किया गया था।
  • एसोसिएशन का विरोध: फॉरेन प्रेस एसोसिएशन ने इज़रायली पुलिस की इन हरकतों की आलोचना की है और पुलिस कमिश्नर से कार्रवाई की मांग की है।