Israel vs Iran: इसराइल ने कसी कमर, ईरान के एनर्जी ठिकानों पर होगा बड़ा हमला, अमेरिका से हरी झंडी का इंतज़ार.
इसराइल और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर आ गया है। ताज़ा जानकारी के मुताबिक इसराइल अब ईरान के ऊर्जा ठिकानों और तेल संयंत्रों को निशाना बनाने की पूरी तैयारी कर चुका है। रॉयटर्स की रिपोर्ट में एक इसराइली सैन्य अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि इन हमलों के लिए बस अमेरिका की हरी झंडी का इंतज़ार है और यह कार्रवाई अगले एक हफ्ते के भीतर हो सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए समझौता करने या गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।
क्या है इसराइल की नई रणनीति और ट्रंप की चेतावनी?
इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ईरान के उन पेट्रोकेमिकल ठिकानों को निशाना बनाएंगे जो ईरान के लिए पैसे बनाने की मशीन की तरह काम करते हैं। इसराइल का मानना है कि इन्हीं पैसों से ईरान आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देता है। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने भी साफ लहजे में कहा है कि ईरान या तो समझौता करे या फिर वह बड़ी सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहे। ट्रंप ने यह भी संकेत दिए हैं कि वे 6 अप्रैल तक कुछ हमलों को टाल सकते हैं बशर्ते बातचीत का कोई ठोस नतीजा निकले।
अब तक कहां-कहां हुए हमले और क्या हुआ नुकसान?
4 अप्रैल 2026 तक की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के कई संवेदनशील इलाकों पर हमले हो चुके हैं जिनका ब्यौरा नीचे दिया गया है। इन हमलों से क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है।
| स्थान और क्षेत्र | हुए नुकसान का विवरण |
|---|---|
| Bushehr Nuclear Plant | प्लांट के पास हमले में एक सुरक्षाकर्मी की मौत हुई और सपोर्ट बिल्डिंग को नुकसान पहुंचा। |
| Khuzestan Province | पेट्रोकेमिकल फैक्ट्रियों पर हमला हुआ जो मिसाइल सामग्री बनाने के काम आती थीं। |
| Tehran | मिसाइल स्टोरेज और रिसर्च केंद्रों को निशाना बनाया गया। |
| Shalamcheh Border | हमलों के बाद सुरक्षा कारणों से इराक ने इस बॉर्डर को बंद कर दिया है। |
इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रोसी ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है और संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि परमाणु संयंत्रों या उनके आसपास के क्षेत्रों पर कभी हमला नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे बड़ा रेडियोधर्मी खतरा पैदा हो सकता है। ईरान के विदेश मंत्री ने भी चेतावनी दी है कि अगर परमाणु ठिकानों पर हमला हुआ तो उसका असर खाड़ी देशों तक फैल सकता है। इस बीच ईरान ने भी इसराइल पर कई मिसाइलें दागी हैं जिससे वहां कुछ घरों को नुकसान पहुंचा है।




