Israel-Spain विवाद: इसराइल ने स्पेन के प्रतिनिधियों को CMCC सेंटर से हटाया, नेतन्याहू ने कहा अब भुगतना होगा परिणाम
इसराइल और स्पेन के बीच कूटनीतिक तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुँच गया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आदेश दिया है कि किरयात गत में स्थित कोऑर्डिनेशन सेंटर (CMCC) से स्पेन के प्रतिनिधियों को तुरंत हटाया जाए। यह बड़ा फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि स्पेन ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बार-बार इसराइल का विरोध किया है।
स्पेन को सेंटर से क्यों निकाला गया?
इसराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने साफ किया कि स्पेन का इसराइल के प्रति नजरिया बहुत नकारात्मक रहा है। स्पेन ने हाल ही में लेबनान और ईरान पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की थी और प्रधानमंत्री नेतन्याहू की नीतियों को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया था। इसराइल सरकार का मानना है कि स्पेन अब शांति योजना को लागू करने में कोई उपयोगी भूमिका नहीं निभा सकता, इसलिए उसे बाहर करना जरूरी था।
रिश्तों में कड़वाहट आने की मुख्य वजहें
- सितंबर 2025: स्पेन ने इसराइल के साथ सैन्य उपकरणों की खरीद और बिक्री पर कानूनी रोक लगाने का ऐलान किया था।
- 11 मार्च 2026: स्पेन ने इसराइल में तैनात अपने राजदूत को वापस बुला लिया था जिससे तनाव और बढ़ गया।
- 8-9 अप्रैल 2026: स्पेन के पीएम पेड्रो सांचेज ने इसराइल की सैन्य कार्रवाइयों को गैरकानूनी बताया था।
क्या है CMCC सेंटर और इसका काम क्या है?
Civil-Military Coordination Center (CMCC) एक बहुराष्ट्रीय केंद्र है जिसे अक्टूबर 2025 में स्थापित किया गया था। यह सेंटर अमेरिका के नेतृत्व में काम करता है और किरयात गत में स्थित है। इसका मुख्य उद्देश्य गाज़ा में युद्धविराम की निगरानी करना और वहां मानवीय सहायता, रसद और सुरक्षा संबंधी मदद पहुँचाने का इंतजाम करना है।




