इज़राइल के सैनिकों के परिवारों ने सरकार को लिखी चिट्ठी, लेबनान में जमीनी हमले को बताया गलत
इज़राइल में करीब 600 सैनिकों के परिवारों ने सरकार और सेना के बड़े अधिकारियों को एक चिट्ठी भेजी है। इस चिट्ठी में उन्होंने अपने बच्चों को दक्षिणी लेबनान में जमीनी लड़ाई के लिए भेजने पर कड़ी चिंता जताई है। परिवारों का कहना है कि लेबनान के इस ऑपरेशन में उनके बच्चों की जान को खतरा है और यह फैसला पूरी तरह से तर्कहीन है। IRNA न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, इसे एक बड़ा और गंभीर कदम माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले कभी सैनिकों के परिवारों ने इस तरह से खुलकर विरोध नहीं किया था।
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सैनिकों के परिवारों की मुख्य मांगें क्या हैं?
परिवारों के समूह जिन्हें ‘Parents of Combat Soldiers’ कहा जाता है, उन्होंने IDF चीफ Eyal Zamir को पत्र लिखकर मांग की है कि लेबनान में जमीनी हमले को तुरंत रोका जाए। उनके मुख्य बिंदु कुछ इस प्रकार हैं:
- परिवारों ने लेबनान में अपने बच्चों की तैनाती को पूरी तरह गलत बताया है।
- अब तक इस लड़ाई में चार इज़राइली सैनिक अपनी जान गंवा चुके हैं।
- लेबनान में चल रहे हमलों की वजह से अब तक 10 लाख से ज्यादा लोग अपना घर छोड़ चुके हैं।
- इज़राइल ने दक्षिणी लेबनान के लिटानी नदी तक के इलाके को सुरक्षा घेरा घोषित कर दिया है।
इज़राइली सेना के चीफ ने क्या चेतावनी दी है?
सैनिकों के परिवारों की चिट्ठी के साथ-साथ सेना के चीफ Lt.-Gen. Eyal Zamir ने भी सरकार को एक अलग पत्र लिखकर चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि सेना में इस वक्त सैनिकों की भारी कमी हो गई है। इस संकट को सुलझाने के लिए उन्होंने सरकार से नए कानून बनाने की मांग की है ताकि रिजर्व और रेगुलर सैनिकों को ज्यादा मदद मिल सके। लेबनान में Hezbollah के साथ चल रही लड़ाई के कारण सेना पर मिशन का दबाव बहुत बढ़ गया है, जिससे सैनिकों की संख्या बढ़ाना अब जरूरी हो गया है।




