इजरायली सेना ने दक्षिणी Lebanon में लिटानी नदी पर बने कासिमिया ब्रिज पर जोरदार हमला किया है। यह हमला 22 मार्च 2026 को हुआ, जिसके बाद पुल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। इजरायल का दावा है कि इस पुल का इस्तेमाल Hezbollah के लड़ाके हथियारों और रॉकेटों की सप्लाई के लिए कर रहे थे। इस हमले के बाद पूरे इलाके में तनाव चरम पर पहुंच गया है और आम लोगों का संपर्क कट गया है।

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कासिमिया ब्रिज पर हमले से क्या हुआ नुकसान?

कासिमिया ब्रिज दक्षिणी लिटानी क्षेत्र को लेबनान के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण रास्ता है। इजरायली हमलों के बाद यह पुल अब आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद हो गया है। इसके प्रभाव से जुड़ी कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • पुल टूटने से भौगोलिक संपर्क पूरी तरह से कट गया है।
  • आसपास के इलाकों में बिजली की लाइनें और नेटवर्क ठप हो गए हैं।
  • पुल के करीब स्थित दुकानों और बागों को भारी नुकसान पहुंचा है।
  • Lebanon के राष्ट्रपति ने इसे देश की संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया है।

इजरायल और Hezbollah के बीच बढ़ते टकराव की स्थिति

इजरायली रक्षा मंत्री ने साफ कर दिया है कि लिटानी नदी पर बने उन सभी पुलों को नष्ट किया जाएगा जिनका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए हो रहा है। उधर Hezbollah ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए उत्तरी इजरायल में रॉकेट दागे हैं। अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने चेतावनी दी है कि यह युद्ध वैश्विक ऊर्जा संकट का कारण बन सकता है। अब तक इस संघर्ष में लेबनान में 1000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।

प्रमुख अधिकारियों और देशों के बयान

अधिकारी/संस्था मुख्य बयान
Joseph Aoun (लेबनान राष्ट्रपति) यह हमला जमीनी आक्रमण की एक शुरुआत है।
Israel Katz (इजरायली रक्षा मंत्री) हिजबुल्लाह की आवाजाही रोकने के लिए पुलों को तोड़ना जरूरी है।
Volker Türk (UN मानवाधिकार प्रमुख) आम नागरिकों पर हमले तुरंत रुकने चाहिए।
Na’im Qassem (Hezbollah प्रमुख) यह इजरायल और अमेरिका की मिलीभगत का नतीजा है।
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.