इसराइल और लेबनान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। इसराइल की सेना ने दक्षिणी लेबनान के तीन अलग-अलग इलाकों में रात भर ऑपरेशन चलाकर हमले किए हैं। इसराइल का दावा है कि उसने हिजबुल्लाह के रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया है। वहीं दूसरी तरफ हिजबुल्लाह ने भी पलटवार करते हुए इसराइली ठिकानों पर ड्रोन हमले किए हैं।

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इसराइल के हमलों में क्या हुआ और कितना नुकसान हुआ

इसराइल ने दक्षिणी लेबनान में रात के समय ऑपरेशन चलाया और तीन जगहों पर हमले किए। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 24 अप्रैल को हुए हमलों में कम से कम छह लोगों की मौत हुई और दो लोग घायल हुए। ये हमले वादी अल-हुजैर, तुलाइन, स्रीफा और यातर जैसे इलाकों में हुए। इसराइल ने बंत जुबैल में हिजबुल्लाह के छह सदस्यों को मारने का दावा किया है। साथ ही इसराइली सेना ने देइर आमस शहर के लोगों को वहां से खाली करने का आदेश भी जारी किया है।

हिजबुल्लाह का पलटवार और सीजफायर की स्थिति

हिजबुल्लाह ने इसराइली हमलों का जवाब ड्रोन अटैक से दिया है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कंतारा में इसराइली सैनिकों पर सटीक हमला किया और टायर के पास एक इसराइली हर्मिस 450 ड्रोन को मार गिराया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर की अवधि को तीन हफ्ते के लिए बढ़ा दिया है, लेकिन हिजबुल्लाह ने इसे बेकार बताया है। हिजबुल्लाह नेता अली फय्याद ने कहा कि जब तक इसराइल हमले और हत्याएं जारी रखेगा, यह समझौता अर्थहीन है।

संयुक्त राष्ट्र (UN) ने इस लड़ाई पर क्या कहा

यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सीजफायर बढ़ने का स्वागत किया है और सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की अपील की है। वहीं UNIFIL ने जानकारी दी कि एक इंडोनेशियाई शांति सैनिक की मौत अस्पताल में हुई, जिसे इसराइली टैंक के गोले से चोट लगी थी। यूएन के विशेषज्ञों ने पहले भी इसराइल की बमबारी और हिजबुल्लाह द्वारा रिहायशी इलाकों में रॉकेट दागने की कड़ी निंदा की है।