इज़राइल और अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला, नेतन्याहू बोले ईरानी शासन अब खत्म होने वाला है
इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने दावा किया है कि अमेरिका और इज़राइल के साझा सैन्य अभियान ने ईरानी शासन को पूरी तरह से हिला दिया है। उन्होंने कहा कि उनके मिशन ने ईरान के परमाणु ठिकानों और बड़े नेतृत्व पर कड़े प्रहार किए हैं जिससे वे पूरी तरह टूट चुके हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी भरोसा जताया है कि यह युद्ध आने वाले दो से तीन हफ्तों में एक समझौते के साथ खत्म हो सकता है। इस अभियान में ईरान के खरबों डॉलर का निवेश बर्बाद होने की बात कही गई है।
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युद्ध में अब तक ईरान को क्या-क्या नुकसान हुआ?
अमेरिकी और इज़राइली सेना के मुताबिक इस जंग में ईरान को भारी सैन्य नुकसान उठाना पड़ा है। 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध में अब तक 13,000 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इज़राइल का दावा है कि उसने ईरान के 80 प्रतिशत से ज्यादा एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। अमेरिका ने जानकारी दी है कि ईरान के 150 जहाज और उसकी नौसेना का 92 प्रतिशत हिस्सा अब तबाह हो चुका है। अब हालात ऐसे हैं कि अमेरिकी B-52 बॉम्बर विमान ईरान के आसमान में खुलेआम उड़ान भर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और ताज़ा सैन्य अपडेट
- Donald Trump का कहना है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के डिफेंस बेस और नेवी को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
- ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने यूरोप को बताया है कि अगर गारंटी मिले तो वे युद्ध रोकने के लिए तैयार हैं।
- चीन और पाकिस्तान ने दोनों देशों से युद्ध को तुरंत खत्म कर शांति की अपील की है।
- इज़राइली सेना ने पिछले 24 घंटों में 230 से अधिक हवाई हमले किए हैं जिनमें मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाया गया।
- NATO के सिस्टम ने तुर्की की सीमा में घुस रही एक ईरानी मिसाइल को रास्ते में ही मार गिराया है।
युद्ध से जुड़े मुख्य आंकड़े और महत्वपूर्ण जानकारी
| विवरण | जारी आंकड़े |
|---|---|
| कुल नष्ट किए गए ठिकाने | लगभग 13,000 |
| एयर डिफेंस की बर्बादी | 80 प्रतिशत से अधिक |
| नष्ट हुए ईरानी जहाज | 150 बड़े वेसल्स |
| बाकी बचे टारगेट | करीब 3,000 |
| पिछले 24 घंटे के हमले | 230 से ज्यादा हवाई हमले |
Benjamin Netanyahu ने यह भी कहा कि अब इज़राइल अकेला नहीं है और अमेरिका के साथ मिलकर काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि मिशन अब आधे से ज्यादा पूरा हो चुका है। दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्री का कहना है कि उन्हें अमेरिका पर बिल्कुल भरोसा नहीं है और वे किसी भी जमीनी हमले का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके प्रभाव से गैस और तेल की कीमतों में बदलाव आने की उम्मीद है।




