इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने कतर पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे कतर की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया है। विदेश मंत्री ने इस बड़े संकट को खत्म करने के लिए राजनीतिक समाधान निकालने और G7 देशों से सहयोग की अपील की है। खाड़ी देशों में बढ़ते इस तनाव के कारण वहां रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों और रोज़ाना सफर करने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

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कतर में किन इलाकों को बनाया गया निशाना

ईरान ने हाल ही में खाड़ी क्षेत्र में कई हमले किए हैं। कतर सरकार ने बताया है कि इन हमलों में आम लोगों के रहने वाले इलाकों के साथ-साथ Hamad International Airport और LNG सुविधाओं को भी नुकसान पहुंचा है।

हमले के जवाब में कतर की सेना ने भी कड़ी बचाव कार्रवाई की है। कतर सेना ने ईरान के दो Su-24 बमवर्षक विमानों को मार गिराया है और कई मिसाइलों को हवा में ही रोक कर नष्ट कर दिया।

कतर में लाखों की संख्या में भारतीय नागरिक काम करते हैं। इसके अलावा भारत से यूरोप और अन्य देशों में जाने वाले यात्री अक्सर Hamad Airport से होकर गुज़रते हैं। इस वजह से हमलों की यह खबर प्रवासियों और यात्रियों के लिए काफी अहम है।

अमेरिका और ईरान के बीच कैसे शुरू हुआ विवाद

इस बड़े विवाद की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी। अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के खिलाफ ‘Operation Epic Fury’ की शुरुआत की थी। इसी के जवाब में ईरान ने 1 से 3 मार्च के बीच कतर और खाड़ी क्षेत्र में जवाबी हमले किए।

अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार यह सैन्य अभियान अब 11वें दिन में प्रवेश कर चुका है। अमेरिका ने ईरान के 5,000 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर हमला किया है और उनके मिसाइल भंडार को भारी नुकसान पहुंचाया है।

वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का कहना है कि वे कूटनीति से मामला सुलझाना चाहते थे, लेकिन अमेरिकी हमलों के बाद उन्हें जवाब देना पड़ा। हालात को और बिगड़ने से रोकने के लिए कतर के प्रधानमंत्री ने भी ईरान के विदेश मंत्री से बातचीत शुरू कर दी है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.