मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और तेल की सप्लाई में आ रही रुकावट को देखते हुए जापान ने एक बड़ा कदम उठाया है। 11 मार्च 2026 को जापान सरकार ने यह साफ कर दिया कि वह अपने इमरजेंसी तेल भंडार का इस्तेमाल करने जा रही है। इसकी शुरुआत 16 मार्च से होगी ताकि बाजार में तेल की कीमतों को कंट्रोल किया जा सके। प्रधानमंत्री Sanae Takaichi ने कहा कि देश की 95 प्रतिशत तेल की जरूरत मिडिल ईस्ट से पूरी होती है, इसलिए यह फैसला बेहद जरूरी था।

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कैसे होगा तेल भंडार का इस्तेमाल?

सरकार ने इस काम को दो हिस्सों में बांटा है ताकि बाजार में तेल की सप्लाई बनी रहे।

  • प्राइवेट सेक्टर: सबसे पहले प्राइवेट कंपनियों के पास मौजूद 15 दिन के तेल भंडार को रिलीज किया जाएगा।
  • सरकारी भंडार: इसके बाद सरकार अपने नेशनल स्टॉकपाइल से 30 दिन का तेल बाजार में उतारेगी।
  • कुल रिजर्व: वर्तमान में जापान के पास 254 दिन का तेल रिजर्व मौजूद है।

आम लोगों और बाजार पर असर

जापान में पेट्रोल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। 9 मार्च तक पेट्रोल की कीमत 161.8 येन प्रति लीटर पहुंच गई है, जो पिछले तीन महीने में सबसे ज्यादा है।

  • ऑयल इंफॉर्मेशन सेंटर के अनुसार अगर यह कदम नहीं उठाया जाता तो अगले हफ्ते पेट्रोल 20 येन और महंगा हो सकता था।
  • सरकार के इस ऐलान का असर इंटरनेशनल मार्केट में भी देखने को मिला है।
  • कच्चे तेल (WTI) की कीमत में 1.5 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 84 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गया।

गल्फ देशों के साथ मिलकर काम कर रहा जापान

यह फैसला ऐसे वक्त में लिया गया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से मिडिल ईस्ट से आने वाला तेल रुक गया है। सऊदी अरब, UAE और कुवैत जैसे गल्फ देशों के साथ जापान के ज्वाइंट रिजर्व प्रोग्राम भी हैं जो इस समय काफी अहम भूमिका निभा रहे हैं। ऊर्जा मंत्री Ryosei Akazawa ने 10 नेशनल स्टॉकपाइल साइट्स को तुरंत तैयार रहने के निर्देश दिए हैं ताकि आम जनता को तेल की कमी का सामना न करना पड़े।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.